पटना पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। पुलिस ने वेल्डिंग और ग्रिल बनाने वाली दुकान की आड़ में चल रहे इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान कई तैयार और अर्धनिर्मित हथियारों के साथ हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद की गई।
राजधानी पटना के पुनपुन थाना क्षेत्र के केवड़ा ओपी इलाके में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। यहां एक ग्रिल और वेल्डिंग की दुकान के अंदर अवैध रूप से हथियार बनाने का काम चल रहा था। पुलिस की रेड में बड़ी संख्या में तैयार हथियार, अधबने हथियार, बैरल, कारतूस और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें मिलीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 23-24 जुलाई की रात एसओजी/एसटीएफ को सूचना मिली थी कि केवड़ा गांव में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद डीएसपी अबू सैफी मुर्तजा और शेख साबिर के नेतृत्व में आर्म्स सेल, चीता-06 और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान केवड़ा निवासी सिद्धनाथ शर्मा और नालंदा जिले के चिकसौरा निवासी ललन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। ललन वर्तमान में केवड़ा इलाके में रह रहा था।
अवैध हथियार नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे लेथ मशीन से तैयार किए गए बैरल पटना और नालंदा जिले के हथियार तस्करों और निर्माताओं तक पहुंचाते थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
मसौढ़ी-2 के डीएसपी कन्हैया प्रसाद सिंह ने बताया कि बरामद सामान और दोनों गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए केवड़ा ओपी पुलिस को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
