September 29, 2026
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उत्तर बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है और पश्चिम चंपारण में सोमवार देर रात चंपारण तटबंध के टूटने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा, जिससे कई गांवों में अफरातफरी मच गई और लोग रातोरात अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल पड़े। हालात को और गंभीर बनाते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज से मंगलवार सुबह 8 बजे 1,91,200 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, और रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर खैरटवा के पास हुआ यह तटबंध स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 150 फीट टूट चुका है जिससे पानी तेजी से निचले क्षेत्रों में फैल रहा है। हालांकि जल संसाधन विभाग का कहना है कि खैरटवा गांव में तटबंध के 4 किमी पर करीब 10 मीटर लंबाई में माइनर ब्रीच हुआ है जहाँ से पानी खेतों में फैलकर आगे चंपारण तटबंध के 9.50 किमी पर दोबारा गंडक नदी में मिल जाएगा। इस तटबंध के टूटने से चखनी, राजावटिया, सिंगाड़ी पिपरिया, चंद्रपुर, रतवल और पतिलार पंचायत के कई गांवों में भयंकर दहशत का माहौल है और ग्रामीण जरूरी सामान लेकर ऊंची जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं क्योंकि नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर तटबंध पर भारी दबाव बना रहा था। तटबंध टूटने के कारण रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और ग्रामीणों द्वारा प्रशासन से तुरंत राहत कार्य और तटबंध की मरम्मत की मांग की जा रही है, खास तौर पर इसलिए क्योंकि पिछले साल भी ठीक इसी जगह गंडक का चंपारण तटबंध टूटा था और भारी तबाही मची थी। जल संसाधन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बगहा के पास गंडक नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम फ्लड लेवल 90.90 मीटर से लगभग 35 सेंटीमीटर ऊपर जा चुका है जिसके कारण तटबंध पर दबाव असहनीय हो गया था, और अब विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत के प्रयास में जुटी है जबकि जिला प्रशासन भी हालात पर नजर रखे हुए है। इस आपदा के कारण बगहा-1 प्रखंड के अगस्तिया, खैरटवा और चंद्रपुर के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका से कई संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-727 यहाँ से तीन किलोमीटर दूर होने के कारण उस पर बड़े असर की संभावना नहीं है क्योंकि संबंधित क्षेत्र में नदी का बहाव घट रहा है। गंडक का पानी केवल गांवों तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह बगहा शहर के भीतर भी घुस आया है और सोमवार को ही शहर के नौ वार्ड बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिसके चलते बगहा एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन और किसान भवन जलमग्न हो गए हैं तथा बगहा-बेतिया और बगहा-वाल्मीकिनगर सड़क पर पानी भर जाने से यातायात रुक गया है और लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं।

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