टाटा वर्कर्स यूनियन में वित्तीय खातों की समीक्षा और कार्यकारिणी समिति की बैठक को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। यूनियन के ट्रेजरर अमोद कुमार दुबे ने यूनियन अध्यक्ष को पत्र लिखकर पिछले चार माह से लंबित खातों का मामला उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि खातों की विधिवत समीक्षा और कार्यकारिणी समिति से मंजूरी नहीं मिलती है, तो उन्हें यूनियन के बैंक खाते का संचालन निलंबित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 3 नवंबर 2026 को लिखे गए पत्र में ट्रेजरर ने कहा है कि यूनियन के खाते पिछले चार महीनों से लंबित हैं। इस संबंध में वे पहले भी अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है।
पत्र में यूनियन के संविधान का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रत्येक दो महीने में कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की जानी चाहिए, ताकि यूनियन के खातों को समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी समीक्षा और विधिवत मंजूरी ली जा सके। इसके बावजूद बार-बार याद दिलाने के बाद भी बैठक आयोजित नहीं की गई है।कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में खातों की समीक्षा और कार्यकारिणी समिति से अनुमोदन होने तक यूनियन के बैंक खाते का संचालन निलंबित करना उनकी मजबूरी होगी। उन्होंने इस स्थिति से उत्पन्न होने वाले किसी भी परिणाम की जिम्मेदारी यूनियन अध्यक्ष पर तय की है।
अमोद कुमार दुबे ने अध्यक्ष से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाने और लंबित वित्तीय मामलों का समाधान करने का आग्रह किया है। इस पत्र की प्रतिलिपि टाटा वर्कर्स यूनियन के शैलेश सिंह व महामंत्री सतीश सिंहए व वित्त उपसमिति के के सदस्यों को भी भेजा ।
