सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में जनजातीय गौरव दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ट्राइबल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (TICCI), झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष वैद्यनाथ मांडी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुआ।
इस अवसर पर एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए जनजातीय संस्कृति, परंपरा, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से जनजातीय महापुरुषों के साहस और संघर्ष से प्रेरणा लेने की अपील की। मुख्य अतिथि वैद्यनाथ मांडी ने जनजातीय युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि TICCI सरकारी योजनाओं, एमएसएमई पंजीकरण, जीएसटी एवं अन्य प्रक्रियाओं के माध्यम से जनजातीय उद्यमियों को सहयोग प्रदान करता है। डॉ. मनोज एम. ह्यूमेन ने जनजातीय समुदायों के संवैधानिक अधिकारों एवं शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी, जबकि जय शंकर शरण ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में 69 बालक और 75 बालिकाओं सहित कुल 144 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दूसरे सत्र में विद्यार्थियों को एनएमएल की अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया तथा खनिज, धातु एवं पदार्थ विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डॉ. पारिक्षित मुंडा सहित शिक्षक, जनजातीय प्रतिनिधि एवं संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक डॉ. कृष्ण कुमार ने किया।
