भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की 41वीं वाहिनी ने मानव तस्करी की एक बड़ी साजिश विफल कर दी। पानीटंकी पुराने पुल के पास नियमित जांच के दौरान नेपाल के डांस बार ले जाई जा रहीं छह लड़कियों को रेस्क्यू (बचाया) किया गया। इनमें चार नाबालिग हैं। सभी त्रिपुरा की रहने वाली हैं। मौके
से दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। एसएसबी की डी कंपनी के जवानों ने गुरुवार देर शाम भारत से नेपाल जा रहे दो संदिग्ध युवकों और छह लड़कियों को रोका। पूछताछ में मानव तस्करी का संदेह होने पर एसएसबी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, इंटेलिजेंस ब्यूरो और एनजीओ ‘कोसी लोक मंच’ को बुलाया गया।
संयुक्त पूछताछ में तस्करों ने स्वीकारा कि युवतियों को नेपाल के विराटनगर स्थित ‘लोटस डांस बार’ ले जाया जा रहा था, जहां उनसे डांस और अन्य गतिविधियां कराई जानी थीं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान त्रिपुरा निवासी निर्मल देबबर्मा (25) और जलपाईगुड़ी निवासी चिन्मय बसाक (32) के रूप में हुई है। जांच में
सामने आया कि ये दोनों कूचबिहार निवासी अन्ना और नेपाल के लोटस डांस बार के मैनेजर विक्की कौशिक के संपर्क में थे, जो इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। काउंसिलिंग के बाद सभी छह लड़कियों और दोनों आरोपितों को एनजीओ के माध्यम से खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
