July 1, 2026
BIHAR (2)

जुगसलाई के श्री राजस्थान शिव मंदिर, जुगसलाई के शताब्दी वर्ष समारोह-2026 के तहत मंगलवार को ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम के जगद्गुरु शंकराचार्य अनंत श्री विभूषित श्री वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की तथा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्वान पंडितों के मंगलाचरण एवं स्वस्तिवाचन तथा पुष्पवर्षा के बीच शंकराचार्य जी को मंचासीन कराया गया। श्री छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामूका और विश्वनाथ शर्मा ने उनकी चरण वंदना की।

इसके बाद श्रद्धालुओं ने चरण पादुका पूजन किया तथा मातृशक्ति ने आरती उतारी। समारोह की शुरुआत मंदिर समिति के अध्यक्ष छीतरमल धूत के स्वागत भाषण से हुई। सचिव अरुण अग्रवाल ने मंदिर के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक विश्वनाथ शर्मा एवं दीपक अग्रवाल रामूका ने धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को सम्मानित किया। साथ ही मंदिर के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत विद्धयानंद सरस्वती ने भी श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिया। उन्होंने कहा कि “वह सभा, सभा ही नहीं जिसमें वृद्ध न हों।” उन्होंने कहा कि मानव मात्र के हित में जो कार्य हो, वही धर्म है। धैर्य, क्षमा, सत्यनिष्ठा और पवित्र आचरण को धर्म का मूल आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि समर्थ व्यक्ति ही वास्तविक अर्थों में क्षमा कर सकता है।

उन्होंने मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखने तथा अपने धर्म एवं समाज के प्रति कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया। समारोह के अंत में मंदिर समिति की ओर से शंकराचार्य श्री वासुदेवानंद सरस्वती एवं महंत विद्धयानंद सरस्वती को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक विश्वनाथ शर्मा ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर शंकराचार्य जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। समारोह को सफल बनाने में सांवर लाल शर्मा, पवन सिंगोदिया, मनोज केडिया, सीताराम भरतिया, सुशील सर्वा, संजय गुप्ता सहित मंदिर समिति के अन्य सदस्य  मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *