सिक्किम में सोमवार देर रात आए भीषण तूफान और ओलावृष्टि ने पूरे राज्य में भारी तबाही मचाई है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। गंगटोक सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों ने घरों की छतों, वाहनों और खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुँचाया है। तूफान इतना शक्तिशाली था कि कई स्थानों पर बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और बिजली की लाइनों पर गिर गए, जिसके कारण राजधानी गंगटोक और उसके आसपास के इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति (power outage) ठप रही। राज्य के ऊर्जा विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन दुर्गम इलाकों में बहाली की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
इस प्राकृतिक आपदा ने सिक्किम के कृषि क्षेत्र और पर्यटन को भी प्रभावित किया है। बेमौसम ओलावृष्टि के कारण बागवानी फसलों को नुकसान पहुँचने की खबरें हैं, वहीं कई पर्यटक वाहन सुरक्षित स्थानों पर फंसे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण पैदा हुई है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। अगले २४ घंटों के लिए भी राज्य के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
