सोनारी दोमुहानी स्थित श्री श्री सिद्धेश्वरी श्मशान काली माता मंदिर में रविवार को छिन्नमस्तिका माता का प्राण प्रतिष्ठा किया गया. इस मौके पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की. मंदिर परिसर में काल भैरव, भैरवी, बंगलामुखी माता, छिन्नमस्तिका माता और 18 भुजा दुर्गा माता के मंदिर भी स्थापित की गई हैं, जो इसे शहर का एक प्रमुख धार्मिक केन्ंद्र है। इस मौके पर श्री श्री सिद्धेश्वरी श्मशान काली माता मंदिर के सेवक महंत सीताराम शरण चौधरी ने पत्रकारों को दस महाविद्याओं में से एक देवी छिन्नमस्तिका की त्रिदिवसीय विशेष पूजा अर्चना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस विशेष अनुष्ठान की शुरुआत 30 अप्रैल को छिन्नमस्तिका माता की जयंती से हुई। उस दिन माता का अधिवास किया गया. एक मई को वैशाख पूर्णिमा के दिन देवी की पूजा जल और पुष्प अर्पित कर की गई. दूसरे दिन श्रद्धालुओं की ओर से भोग व फलों का अर्पण किया गया. वहीं तीसरे दिन वैदिक परंपराओं के अनुसार विस्तृत विधि-विधान के साथ पूजा, हवन व अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए. उन्होंने कहा कि पूजा में कलश स्थापना, हवन और पारंपरिक अर्पण प्रमुख रूप से शामिल थे।
इस पूरे अनुष्ठान का संचालन विश्वजीत बनर्जी ने किया, जो प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर से विशेष रूप से आमंत्रित किए गए थे. उन्होंने कहा कि पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए खोल दिया गया. यह आयोजन हरे राम शरण शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी. उन्होंने पूजा अर्चना कर भाग ग्रहण किया।
