कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को छोड़कर एनडीए में शामिल होने पर एक बड़ा दावा किया है। राहुल गांधी के अनुसार, नीतीश कुमार को “मजबूर” किया गया था और उनके साथ “समझौता” किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी\ ने विभिन्न जांच एजेंसियों और राजनीतिक दबाव का उपयोग करके नीतीश कुमार को अपना पाला बदलने के लिए विवश किया। राहुल ने संकेत दिया कि ‘सुशासन बाबू’ के नाम से प्रसिद्ध नीतीश कुमार ने स्वेच्छा से नहीं, बल्कि किसी अज्ञात दबाव के कारण बिहार की राजनीति में यह बड़ा उलटफेर किया है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि इस बदलाव से आगामी २०२६ के चुनावों में विपक्षी एकता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश की जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने दावा किया कि बिहार के ४० लोकसभा क्षेत्रों में से ३० से अधिक सीटों पर एनडीए को हार का सामना करना पड़ेगा। राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन अब और अधिक मजबूती से उभरेगा क्योंकि इसमें अब केवल वे ही लोग बचे हैं जो वैचारिक रूप से दृढ़ हैं। कांग्रेस नेता ने बिहार की जनता से अपील की कि वे इस “अवसरवादी राजनीति” को पहचानें और आगामी चुनावों में सही निर्णय लें।
