सीएसआईआर-एनएमएल में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया. यह दिवस देश की वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपलब्धियों को स्मरण करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खडग़पुर के डायरेक्टर डा. प्रो. सुमन चक्रवर्ती थे. इस मौके पर उन्होंने ‘समावेशी विकास के उत्तरदायी नवाचार- गहन विज्ञान से गहन सामाजिक प्रभाव तक’ विषय पर व्याख्यान दिया. अपने शोध अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास की प्रक्रिया केवल बाजार व फायदा तक सीमित न होकर मानवता, समानता एवं सतत विकास को भी केन्द्र में रखनी चाहिए।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि तकनीक का विकास स्थानीय आवश्यकताओं एवं उपयोगिता के अनुरूप होना चाहिए। सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डा. संदीप घोष चौधरी ने भविष्य निर्माण में अनुसंधान की महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने पिछले एक वर्ष में सीएसआईआर- एनएमएल के विकसित उन तकनीकों की जानकारी भी दी, जो व्यावसायीकरण के लिए तैयार हैं. डा. के के साहू, समन्वयक, एसीएसआईआर, तथा कार्यक्रम के समन्वयक ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया व प्रो. सुमन चक्रवर्ती की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला.इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रो।
चक्रवर्ती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कथन विज्ञान सार्वभौमिक है, लेकिन तकनीक स्थानीय होनी चाहिए का उल्लेख करते हुए स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप तकनीक विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने अपने व्याख्यान का समापन इस संदेश के साथ किया कि वास्तविक तकनीकी प्रगति तब होती है जब तकनीक मानव पीड़ा को कम करे, अवसरों का विस्तार करे, समानता को बढ़ावा दे, पर्यावरण की रक्षा करे तथा मानवता को सशक्त बनाए. इस मौके पर सीएसआईआर- एनएमएल की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 का भी विमोचन किया।
