भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीमावर्ती सात जिलों के डीएम और एसपी के साथ समीक्षा बैठक कर सीमा से जुड़े सभी संवेदनशील मुद्दों पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सभी चेकपोस्टों के 15 किलोमीटर के दायरे में विशेष निगरानी रखी जाए।
आर्थिक अपराध, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कारोबार पर पैनी नजर रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सभी चेकपोस्टों के 15 किलोमीटर के दायरे में विशेष निगरानी रखी जाए।
आर्थिक अपराध, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कारोबार पर पैनी नजर रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है।
अचानक अमीर बने लोगों की होगी जांच
सरकार ने सीमावर्ती सात जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित करने का फैसला लिया है। ये टीमें ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन करेंगी, जिनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों का पूरा ब्यौरा तैयार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तस्करी रोकने के लिए संयुक्त अभियान
मुख्यमंत्री ने उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (SSB) के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें 735 किलोमीटर सीमा पर बढ़ेगी चौकसी
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार से सटी भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है। इस क्षेत्र में सात जिले, 70 पुलिस थाने और एसएसबी की 194 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) मौजूद हैं।
सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहकर सीमा क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
किशनगंज में 100 उर्दू विद्यालयों की होगी पहचान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने किशनगंज जिले में 100 ऐसे उपयुक्त स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया, जहां उर्दू विद्यालय स्थापित किए जा सकें।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, डीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन समेत सीमावर्ती जिलों के सभी डीएम और एसपी वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
