महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: देश की विभिन्न अहम परीक्षाओं में धांधली करने या प्रश्न पत्र लीक करने वालों पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। इसी क्रम में महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रश्न पत्र लीक मामले में ठाणे पुलिस ने सोमवार की देर शाम पटना के कुम्हरार से मुख्य सरगना विजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। ठाणे पुलिस ने सुमन की गिरफ्तारी उस समय की जब वह एक शादी समारोह में थी। बताया जा रहा है कि विजेंद्र कुमार गुप्ता भी शादी समारोह में आने वाला था, लेकिन उसे पहले ही पुलिस के आने की भनक मिल गई थी, इसीलिए समारोह में शामिल नहीं हुआ और भाग गया। टीईटी का पेपर लीक होने की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी को सूचना मिली थी कि मास्टरमाइंड विजेंद्र कुमार गुप्ता समस्तीपुर में छुपा हुआ है। टीम ने पहले वहां छापेमारी की, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बाद उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने पटना पहुंची। कुम्हरार स्थित एक मैरेज हॉल से जैसे ही बाहर निकली कि ठाणे पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को महिला को ठाणे के भिवंडी कोर्ट में भी पेश किया गया। कोर्ट ने उसे छह जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया आरोप है कि पेपर लीक की घटना में उसकी भी संलिप्तता है। उसके मोबाइल की सीडीआर की जांच की गई है। जब पेपरलीक की घटना हुई थी उस समय वह अपने पति के लगातार संपर्क में थी। इससे स्पष्ट है कि यह घटना उसके संज्ञान में है तथा उसकी भी संलिप्तता है। इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है। अगमकुआं थानाध्यक्ष ने बताया कि ठाणे पुलिस आरोपी महिला को गिरफ्तार कर ले गई। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 प्रश्नपत्र लीक मामले अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। बता दें कि महाराष्ट्र में रविवार को होने वाली परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को टीईटी का प्रश्नपत्र लीक होने का पता चला था, जिसके बाद प्राधिकारियों को परीक्षा स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने भिवंडी से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले की पड़ताल के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। प्राथमिक जांच से इसमें किसी अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, प्रश्नपत्र कहीं और छपे थे और उन्हें ले जाते समय रास्ते में ही लीक कर दिया गया था। इस संबंध में कोंगांव पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा कदाचार रोकथाम अधिनियम, 1982 के तहत एक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है।
