इंस्टीट्यूूट ऑफ इंजीनियर्स में विश्व दूरसंचार व सूचना सोसायटी दिवस का आयोजन किया गया इस वर्ष के आयोजन की थीम थी ‘डिजिटल जीवनरेखाएं- एक जुड़े हुए विश्व में सुदृढ़ता को सशक्त बनाना.”सोमवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स में आयोजित कार्याक्रम की उद्घाटन टाटा स्टील के चीफ इलेक्ट्रिकल फील्ड मेंटेनेंस, फील्ड मेंटेनेंस इलेक्ट्रिकल मनोज कुमार झा समेत अन्य अतिथियों ने किया. अतिथियों का अभिनंदन टाटा स्टील के चीफ मैन्युफैक्चरिंग लॉंग प्रोडक्ट विनीत कुमार शाह ने किया. उन्होंने दूरसंचार के उल्लेखनीय विकास पर प्रकाश डाला, जिसमें लैंडलाइन प्रणाली से वायरलेस संचार तक की यात्रा व सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के दूरसंचार के साथ एकीकरण का उल्लेख किया गया।
उन्होंने बताया कि इसी विकास के परिणामस्वरूप वर्ष 2006 से वल्र्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सोसाइटी डे मनाया जा रहा है. उन्होंने संचार प्रौद्योगिकी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव व अलग-अलग में इसके प्रभावी समाधान प्रदान करने की क्षमता पर भी चर्चा की. उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली इतनी व्यापक हो गई कि सडक़ किनारे छोटे विक्रेता व आम लोग भी क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली से जुडक़र डिजिटल रूप से सशक्त हुए. मुख्य अतिथि टाटा स्टील के चीफ इलेक्ट्रिकल मेंटनेंस मनोज कुमार झा ने कहा कि संचार तकनीक ने तारयुक्त संचार से ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क व आधुनिक वायरलेस संचार तक लंबी प्रगति की है, जिससे आज विशाल मात्रा में डेटा का आदान-प्रदान संभव हो सका है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचार मुख्यत: मानवों के बीच होता है, लेकिन भविष्य में जीवित व निर्जीव वस्तुओं के साथ भी संवाद संभव हो सकता है. उन्होंने संवेदनशील औद्योगिक डेटा की सुरक्षा हेतु मिलिट्री-ग्रेड एन्क्रिप्शन सिस्टम तथा खदानों एवं दूरस्थ औद्योगिक स्थलों को जोडऩे वाली निर्बाध हाइब्रिड क्लाउड इंटीग्रेशन तकनीकों पर भी प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम में शहर के अनेक प्रतिष्ठित अभियंता एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन जमशेदपुर लोकल सेंटर की सचिव डा. सीरम माधुरी ने किया।
