September 1, 2026
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फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने एनालॉग चीज, पनीर और अन्य एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को लेकर रेस्टोरेंट्स पर सख्ती शुरू कर दी है। कंपनी ने सोमवार को जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले रेस्टोरेंट्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाया जा सकता है।

कंपनी के अनुसार, जिन रेस्टोरेंट पार्टनर्स ने अपने मेन्यू में पहले से एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल की जानकारी दी थी, उनके ऐसे व्यंजनों को तत्काल प्रभाव से प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। Zomato का कहना है कि ग्राहकों को मेन्यू में किसी डिश के बारे में जो जानकारी दी जाती है, उन्हें उसी के अनुरूप खाना मिलना चाहिए।

एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स ऐसे विकल्प हैं जो देखने और इस्तेमाल में असली चीज या पनीर जैसे नजर आ सकते हैं, लेकिन उन्हें तैयार करने में पारंपरिक डेयरी सामग्री के बजाय अन्य विकल्पों का इस्तेमाल किया जाता है। मसलन, असली दूध या चीज की जगह प्लांट ऑयल जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों को खाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सही और स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है।

Zomato ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स से इस संबंध में तत्काल कदम उठाने को कहा है। कंपनी के निर्देश के मुताबिक, जहां संभव हो वहां एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स की जगह प्राकृतिक डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अगर किसी रेस्टोरेंट के लिए तुरंत ऐसा करना संभव नहीं है, तो एनालॉग चीज, पनीर या अन्य डेयरी विकल्पों से तैयार डिश को मेन्यू से हटा देना होगा।

रेस्टोरेंट्स को अपने सप्लायर्स से मिलने वाले प्रोडक्ट्स के लेबल और उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की भी जांच करनी होगी। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि Zomato पर किसी डिश के बारे में दी गई जानकारी उसके वास्तविक ingredients से पूरी तरह मेल खाती हो।

कंपनी ने साफ कर दिया है कि पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले रेस्टोरेंट्स पर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें Zomato के प्लेटफॉर्म से डिलिस्ट किया जा सकता है। इसके अलावा कंपनी अपने नियमों और लागू कानूनों के तहत अन्य कदम भी उठा सकती है। अगर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रोडक्ट के ग्राहकों तक पहुंचने से Zomato को किसी तरह का नुकसान, खर्च या अन्य हानि होती है, तो कंपनी संबंधित रेस्टोरेंट से इसकी भरपाई भी कर सकती है।

Zomato का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश में फूड सेफ्टी को लेकर निगरानी और कार्रवाई बढ़ रही है। महाराष्ट्र में Food and Drug Administration की कथित राज्यव्यापी कार्रवाई और दिल्ली के फाइव-स्टार होटलों में FSSAI के निरीक्षण के बाद खाने की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Zomato के CEO आदित्य मंगला ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण खाना पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ग्राहकों की सेहत की सुरक्षा के साथ-साथ रेस्टोरेंट्स द्वारा परोसे जाने वाले खाने और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सही जानकारी देना भी जरूरी है।

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