नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सीआईआई फाउंडेशन वीमेन एक्जेम्पलर अवार्ड 2026 के विजेताओं की घोषणा की गई. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने विजेताओं को सीआईआई फाउंडेशन वीमेन एक्जेम्पलर अवार्ड 2026 से सम्मानित किया. यह अवार्ड उन असाधारण जमीनी महिला नेताओं को पहचान देता है व उनका सम्मान करता है, जो सीमित संसाधनों वाले और वंचित समुदायों से आती हैं और जो गंभीर सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सार्थक बदलाव ला रही हैं. वे लचीलेपन, साहस और सामुदायिक प्रभाव पर आधारित नेतृत्व को पहचान देते हुए ये पुरस्कार उन बदलाव लाने वालों पर रोशनी डालते हैं जो जमीनी स्तर पर प्रगति को गति दे रहे हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर की क्रांति ने सामुदायिक सशक्तिकरण श्रेणी में, हरियाणा के नूंह की जसमीन हुसैन ने शिक्षा श्रेणी में, तमिलनाडु के सेलम की शालिनी ने स्वास्थ्य, श्रेणी में व महाराष्ट्र के कोल्हापुर की अरुंधति पाटिल ने सूक्ष्म-उद्यम यह पुरस्कार जीता।
प्रत्येक विजेता को एक ट्रॉफी, एक प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया गया. इस पुरस्कार के लिए 347 नामांकन प्राप्त हुए थे, और एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल ने विजेताओं का चयन उनके प्रभाव, नेतृत्व क्षमता और बदलाव को बड़े पैमाने पर ले जाने की क्षमता के आधार पर किया. इस मौके पर सीआईआई के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा ने इनमें से प्रत्येक महिला की कहानियां सुनना सचमुच प्रेरणादायक था. ये वे कहानियां हैं जो भारत में वास्तविक बदलाव लाती हैं. हमें लगता है कि एक संस्था के तौर पर हमारे लिए सामाजिक विकास और महिला सशक्तिकरण को हर स्तर पर बढ़ावा देना बिल्कुल स्वाभाविक है जमीनी स्तर से लेकर कॉर्पोरेट इंडिया में काम करने वाली महिलाओं तक. वुमन एक्ज़ेम्पलर प्रोग्राम’ ज़मीनी स्तर की उन महिलाओं की पहचान करके, उन्हें मान्यता देकर और उनका समर्थन करके सामुदायिक स्तर पर नेतृत्व को बढ़ावा देता है, जिन्होंने अपनी सीमाओं से ऊपर उठकर अपने समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।
झारखंड की पुष्पा उरांव को मिला सीआईआई फाउंडेशन वुमन एक्जेम्पलर अवार्ड
सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीआईआई फाउंडेशन वुमन एक्जेम्पलर अवार्ड 2026 के विजेताओं को सम्मानित किया और स्वास्थ्य, शिक्षा, सूक्ष्म उद्यम व सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में समुदायों को बदलने वाली अन्य जमीनी स्तर की महिला नेताओं को मान्यता दी. केन्द्रीय मंत्री ने झारखंड के लोहरदगा की पुष्पा ओरांव को सूक्ष्म उद्यम श्रेणी में महिलाओं के नेतृत्व वाली आजीविका प्रणालियों और आदिवासी समुदायों के बीच सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने में उनके असाधारण कार्य के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया. पुष्पा ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से अपनी यात्रा शुरू की. उन्होंने 3,500 से अधिक महिलाओं को शामिल करते हुए 275 स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया है. उन्होंने लगभग 1,200 महिला किसानों को किसान उत्पादक संगठनों में संगठित किया है, जिससे बाजार तक पहुंच में सुधार हुआ है और कृषि इनपुट लागत में कमी आयी है. उनके प्रयासों से महिला किसानों को 10,000-25,000 तक आय बढ़ाने में मदद मिली है, साथ ही सामुदायिक स्वामित्व वाली आजीविका प्रणालियों को भी मजबूती मिली है।
