May 28, 2026
BIHAR

दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम अनिल कुमार जैन ने कहा कि आने वाले वर्षों में टाटानगर रेल मंडल में बड़े पैमाने पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कार्य देखने के लिए मिलेगा जिससे यात्री ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और मालगाडिय़ों का दबाव भी कम होगा. टाटानगर व आसपास के क्षेत्र में लंबे समय तक रेलवे ढांचे का पर्याप्त विकास नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि ऐसे में देखा जाए तो 1928 के बाद यहां बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का काम नहीं हुआ. 2014-15 के बाद नई परियोजनाओं को स्वीकृति मिलनी शुरू हुई जो लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मार्गदर्शन में रेलवे ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिनमें तीसरी व चौथी लाइन निर्माण, अलग-अलग स्टेशनों पर लूप लाइन, रेल फ्लाईओवर, टाटानगर यार्ड री-मॉडलिंग व  आदित्यपुर क्षेत्र में नई सडक़ों का निर्माण शामिल है. उन्होंने कहा कि  पहले इस सेक्शन में केवल दो रेलवे लाइनें थीं, बाद में तीसरी लाइन को मंजूरी मिली।  बुधवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम अनिल कुमार जैन घाटशिला रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद टाटानगर स्टेशन पहुंचे. उन्होंने स्टेशन का निरीक्षण किया. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जीएम ने यह भी कहा कि दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र में रेल मोबिलिटी व क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद टाटानगर, आदित्यपुर, सिनी, राज खरसावां व चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की आवाजाही काफी सुगम हो जाएगी।

सालगाझुरी-आदित्यपुर तीसरी लाइन से बढ़ेगी रफ्तार

रेलवे जीएम ने कहा कि सालगाझारी से आदित्यपुर तक तीसरी रेल लाइन का कार्य भी तेजी से चल रहा है. रेलवे के अनुसार टाटानगर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के बाद अक्टूबर 2026 तक यह परियोजना पूरी कर ली जाएगी, जिससे ट्रेनों की आवाजाही व लाइन क्षमता में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि रेलवे की ओर से अलग-अलग स्टेशन पर  अतिरिक्त लूप लाइन निर्माण की भी योजना बनाई गई है जिससे ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर हो सके और यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने में आसानी हो. उन्होंने कहा कि सिनी में अतिरिक्त लूप लाइन – जून 2026 तक मानीकुई में दो लूप लाइन मार्च 2027 तक, राजखरसावां, बराबांबू और लोटापहाड़ में एक-एक लूप लाइन अक्टूबर 2027 तक, सोनुआ व टुनिया में लूप लाइन दिसंबर 2027 तक, बहालदा रोड में नई लूप लाइन अक्टूबर 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।

टाटा और आदित्यपुर में स्टेबलिंग लाइन परियोजना

टाटा मार्शलिंग यार्ड में रेक स्टेबलिंग के लिए 20.50 करोड़ की लागत से दो नई लाइनें दिसंबर 2027 तक तैयार की जाएंगी. वहीं आदित्यपुर में 28 करोड़ की लागत से तीन नई कोचिंग स्टेबलिंग लाइनें बनाई जाएंगी जिससे रेक होल्डिंग क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के रखरखाव एवं संचालन में सुविधा होगी।

टाटानगर में नया कोचिंग टर्मिनल प्रस्तावित

उन्होंने कहा कि टाटानगर के पास नए कोचिंग टर्मिनल के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे प्रस्तावित किया गया है. इसके अलावा सिनी-राजखरसावां बाइपास लाइन (पांड्रासाली से कांड्रा) के लिए भी फाइनल लोकेशन सर्वे प्रस्तावित है।  उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से टाटानगर व चक्रधरपुर मंडल में रेल परिचालन को नई गति मिलेगी।

आदित्यपुर से गम्हरिया के बीच अतिरिक्त रेल लाइन का प्रस्ताव

रेलवे जीएम ने कहा कि आदित्यपुर से गम्हरिया के बीच अतिरिक्त लाइन निर्माण के लिए 80 करोड़ का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। वहीं टाटानगर में वंदे भारत ट्रेन के रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 383 करोड़ का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को सौंपा गया है.  इसके अलावा टाटा यार्ड रिमॉडलिंग के लिए 482 करोड़ तथा चक्रधरपुर यार्ड रिमॉडलिंग के लिए 376 करोड़ की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।

नए क्रॉसिंग और ब्लॉक स्टेशन की योजना

उन्होंने कहा कि टाटानगर व हल्दीपोखर के बीच 43.44 करोड़ की लागत से नया क्रॉसिंग स्टेशन बनाया जाएगा, जो दिसम्बर, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके अलावा गोविंदपुर में 46.84 करोड़ की लागत से दो लूप लाइन सहित नया ब्लॉक स्टेशन मार्च 2028 तक तैयार किया जाएगा जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और परिचालन व्यवस्था बेहतर रहेगी।

सिनी-कांड्रा वचांडिल-गम्हरिया लाइन परियोजना

उन्होंने कहा कि सिनी-कांड्रा तीसरी व चौथी लाइन परियोजना पर 286 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है, जिसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है. वहीं चांडिल-गम्हरिया तीसरी एवं चौथी लाइन परियोजना 1112 करोड़ की लागत से स्वीकृत की गई है. रेलवे के अनुसार चौथी लाइन दिसंबर 2029 तक तथा तीसरी लाइन दिसंबर 2030 तक पूरी होगी।

कांड्रा, गम्हरिया बनेंगे रेल फ्लाईओवर

रेलवे जीएम ने कहा कि कांड्रा व गम्हरिया में रेल फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा जिससे क्रॉसिंग की समस्या व सडक़ यातायात की समस्या का समाधान होगा।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कम होगा दबाव

डानकुनी से सूरत तक 2328 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है. इसकी अनुमानित लागत करीब 1.8 लाख करोड़ होगी. इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद चक्रधरपुर मंडल में मालगाडिय़ों का दबाव काफी कम होगा, जिससे यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।

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