टाटा स्टील कर्मचारियों को गे्रड रिवीजन के लिए अभी और इंतजार करना होगा क्योंकि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी फिलहाल कोलकाता में ही अपनी पत्नी के इलाज कराने में लगे हुए हैं। टाटा स्टील कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन 1 जनवरी, 2025 से लंबित है। एक ओर कर्मचारियों को ग्रेड रिवीजन का इंतजार है वहीं दूसरी ओर यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी फिलहाल कोलकाता में अपनी पत्नी के इलाज कराने में लगे हैं. टाटा स्टील प्रबंधन व टाटा वर्कर्स यूनियन नेतृत्व के बीच ग्रेड रिवीजन को लेकर चल रही वार्ता 30 अप्रैल के बाद बंद हैं. इस सप्ताह भी होने वाली बैठक स्थगित हैं. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन व यूनियन की एक सप्ताह लगातार बैठक हो जाए तो कर्मचारियों के ग्रेड रिवीजन पर मुहर लगना तय है, हालांकि चर्चा है कि 10 से 15 मई तक ग्रेड रिवीजन समझौता हो जाएगा।
सात वर्षों का ही होगा ग्रेड रिवीजन
टाटा स्टील प्रबंधन व टाटा वर्कर्स यूनियन नेतृत्व के बीच ग्रेड रिवीजन को लेकर अब तक जो बैठक हुई है उससे यह माना जा रहा है कि ग्रेड रिवीजन समझौता सात वर्षोंे के लिए किया जाएगा. कंपनी के एन एस ग्रेड के कर्मचारियेां के डीए में साढ़े चार रुपये तक किया जा सकता है. कर्मचारियों को अभी तीन रुपये पर प्वाइंट मिल रहा है. कर्मचारियों का मिनिमम गारंटेंड बेनीफिट (एमजीबी) 12 प्रतिशत तक सकता है।
जबकि वर्ष 2018-19 में कर्मचारियों को 12.75 प्रतिशत एमजीबी का फायदा मिला था. इसके अलावा नए वेतन समझौते के तहत कर्मचारियों के लिए नए पेंशन स्कीम पर भी विचार किया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन व यूनियन के बीच कई बातों पर सहमति बन गई है. ऐसे में प्रबंधन व यूनियन के बीच वार्ता शुरू होने के बाद जल्द ग्रेड रिवीजन पर मुहर लग जाएगी।
