टाटा मोटर्स लिमिटेड (कमर्शियल व्हीकल कंपनी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 83,855 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वित्त वर्ष के 76,359 करोड़ रुपये की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने सोमवार को आयोजित दूसरी समेकित वार्षिक आमसभा (एजीएम) में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीमर्जर के बाद 12 नवंबर 2025 को स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध होने के पश्चात कंपनी ने वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ वैश्विक विस्तार और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 12.3 प्रतिशत का ईबीआईटीडीए (EBITDA) मार्जिन और ऑटोमोटिव कारोबार में 72.3 प्रतिशत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) दर्ज किया, जो वैश्विक कमर्शियल व्हीकल उद्योग के सर्वोच्च स्तरों में शामिल है।
घरेलू बाजार में कंपनी ने 4.35 लाख से अधिक वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। हेवी कमर्शियल व्हीकल (एचसीवी) श्रेणी में टाटा मोटर्स ने 55 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल कर पिछले एक दशक का सर्वोच्च स्तर प्राप्त किया। वहीं, इंटरमीडिएट, लाइट, मीडियम और स्मॉल कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी कंपनी ने मजबूत वृद्धि दर्ज की। चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी की आठ वर्टिकल आधारित नई व्यावसायिक संरचना से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। गैर-चक्रीय कारोबार में 18.2 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 53.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘फ्लीट एज’ से जुड़े वाहनों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच चुकी है। वहीं, देश के 10 शहरों में संचालित 3,800 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें अब तक 50 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुकी हैं। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आईवीईसीओ ग्रुप के प्रस्तावित अधिग्रहण से टाटा मोटर्स को यूरोप, लैटिन अमेरिका सहित कई वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही कंपनी डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कनेक्टेड व्हीकल, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस), इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन आधारित वाहनों के विकास पर बड़े पैमाने पर निवेश करेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, सर्कुलर इकोनॉमी और जैव विविधता संरक्षण जैसे सतत विकास के क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। एजीएम में निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर चार रुपये के अंतिम लाभांश की भी सिफारिश की, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी के बाद वितरित किया जाएगा। चेयरमैन ने कर्मचारियों, ग्राहकों, आपूर्तिकर्ताओं और शेयरधारकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टाटा मोटर्स सुरक्षित, स्मार्ट और टिकाऊ वाणिज्यिक परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।
