भारतीय स्टेट बैंक (एस.बी.आई.) के अध्यक्ष सी.एस. शेट्टी ने योनो डिजिटल प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग (सूचीबद्धता) की योजना के संबंध में कहा है कि बैंक इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए अभी कुछ महीनों का इंतज़ार करेगा। शेट्टी ने स्पष्ट किया कि योनो की लिस्टिंग की पूरी तैयारी हो चुकी है, लेकिन वे इसके लिए सबसे अनुकूल समय (ऑप्टिमल टाइम) का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्लेटफॉर्म को अलग करने और लिस्टिंग से पहले उसका मूल्यांकन (वैल्यूएशन) करने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। योनो वर्तमान में तीस करोड़ (३० करोड़) से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता (रजिस्टर्ड यूजर्स) और एक करोड़ (१ करोड़) से अधिक दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ता (डेली एक्टिव यूजर्स) के साथ भारत के सबसे बड़े डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्मों में से एक है।
अध्यक्ष शेट्टी ने लिस्टिंग को टालने के पीछे के तर्क (रीजनिंग) को समझाते हुए कहा कि बाज़ार की मौजूदा अस्थिरता (वोलाटिलिटी) के कारण वे बाज़ार के स्थिर होने का इंतज़ार कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक बार जब बाज़ार की स्थितियाँ अनुकूल होंगी, तब योनो के लिए बेहतर मूल्यांकन प्राप्त करना संभव होगा। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि बैंक की रणनीति (स्ट्रेटेजी) योनो को सूचीबद्ध करने की है, लेकिन वे जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि योनो की लिस्टिंग कुछ महीनों के बाद ही होने की संभावना है, जब बाज़ार की मांग (डिमांड) और मूल्यांकन की अपेक्षाएँ पूरी हो जाएंगी।
