September 22, 2026
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उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने रविवार सुबह वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान 30 लाख रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को मार गिराया। बृजेश झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) का कमांडर बताया गया है। वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जुड़े आतंकवादी वित्तपोषण के मामले में करीब आठ वर्षों से वांछित था।

एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) विपिन राय के मुताबिक, टीम को सूचना मिली थी कि बृजेश मोटरसाइकिल से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर एटीएस की टीम ने इलाके में घेराबंदी की। कुछ देर बाद मोटरसाइकिल से पहुंचे बृजेश को टीम ने रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने दोनों हाथों से पिस्टल से पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी।

बृजेश की ओर से की गई गोलीबारी में डीएसपी विपिन राय और मुख्य आरक्षी नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। पुलिस के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में बृजेश को गोली लगी और वह सड़क पर गिर पड़ा। एटीएस टीम उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान बृजेश का एक साथी मौके से फरार हो गया।

बृजेश झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र का रहने वाला था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीपीसी से जुड़ा था और संगठन में कमांडर की भूमिका में था। उस पर ट्रांसपोर्टरों, कोयला खनन कंपनियों और ठेकेदारों से अवैध वसूली करने के आरोप थे।

अधिकारियों के अनुसार, बृजेश पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और एनआईए ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। एनआईए की कार्रवाई के दौरान करीब आठ वर्ष पहले उसके घर की कुर्की भी की गई थी।

मुठभेड़ के बाद एटीएस ने घटनास्थल की जांच की और फरार हुए बृजेश के साथी की तलाश में अभियान शुरू किया। पुलिस टीम की ओर से मौके से मिले हथियार और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई और फरार साथी की पहचान के लिए जांच जारी है।

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