जमशेदपुर में ‘दिल धड़कने दो’ अभियान शुरू, शहर में 100 एईडी मशीनें लगाने का लक्ष्य, 40 मशीनों के लिए मिला योगदान जमशेदपुर चलते-फिरते, काम करते हुए या किसी से बातचीत के दौरान अचानक बेहोश होकर गिरने वाले व्यक्ति की जान बचाने में शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। ऐसे समय में तत्काल सीपीआर और एईडी मशीन की मदद मिलने से जीवन बचने की संभावना बढ़ सकती है। इसी उद्देश्य से जमशेदपुर में हृदय संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए ‘दिल धड़कने दो’ अभियान की शुरुआत की गई। रविवार को एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शहर में सीपीआर प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्थानों पर एईडी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अभियान में टाटा स्टील ने भी सहयोग का भरोसा दिया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामम ने कहा कि कंपनी इस पहल में कदम से कदम मिलाकर काम करेगी। उन्होंने टाटा स्टील के प्लांट परिसर में भी एईडी मशीनें लगाने की बात कही, ताकि कार्यस्थलों पर हृदय गति अचानक रुकने की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
शहर में 100 एईडी मशीनें लगाने का लक्ष्य
रोटरी क्लब ऑफ स्टील सिटी की ओर से शुरू की गई इस पहल को जमशेदपुर के विभिन्न रोटरी क्लबों, एक्सएलआरआई, आईजीएमए-ओइकोस और आईकेयर-रिवाइव हार्ट फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है। रोटेरियन निकिता मेहता और रोटेरियन दीपक डोकानिया ने बताया कि अभियान के तहत शहर में 100 एईडी मशीनें लगाने की अपील की गई है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न लोगों और संस्थानों की ओर से 40 मशीनों के लिए योगदान देने की पहल की गई।
अभियान का उद्देश्य शहर में ऐसे स्थानों पर एईडी मशीनें उपलब्ध कराना है, जहां आपात स्थिति में उनका तुरंत इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर का प्रशिक्षण देकर उन्हें जरूरत के समय किसी की जान बचाने के लिए तैयार करना है।
सीपीआर और एईडी के इस्तेमाल की दी जानकारी
कार्यक्रम में टाटा मेन हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मंदार शाह ने सीपीआर और एईडी की उपयोगिता बताई। रिवाइव हार्ट फाउंडेशन के संस्थापक एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रायन पिंटो ने बताया कि उनकी संस्था से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों, सुरक्षा गार्डों और रेलवे पुलिस के जवानों ने आपात स्थितियों में सीपीआर और एईडी की मदद से कई लोगों की जान बचाई है।
संस्था की ऑपरेशंस हेड सुमैया राघवन ने सीपीआर करने और एईडी मशीन के इस्तेमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच लाख लोगों को सीपीआर का प्रशिक्षण देने के दौरान मिले अनुभव भी साझा किए। टाटा स्टील की जनरल मैनेजर, मेडिकल सर्विसेज डॉ. विनिता सिंह ने अभियान में टाटा स्टील और टाटा मेन हॉस्पिटल की भागीदारी को लेकर अपने विचार रखे।
