राज्य को झकझोर देने वाले कथित फर्जी मुठभेड़ (फेक एनकाउंटर) मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रभावित इलाके का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनका पक्ष व आपबीती सुनी। उन्होंने शोकाकुल परिवार को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी ताकि सच सामने आ सके और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जा सके। परिवार ने पूर्व न्यायाधीश के सामने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए और इसे एक सोची-समझी हत्या करार दिया।
पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद, जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा जांच टीम और स्थानीय अधिकारियों के साथ सीधे उस विवादित घटना स्थल पर पहुँचे जहाँ यह कथित मुठभेड़ हुई थी। उन्होंने पूरी साइट का बारीकी से निरीक्षण किया और घटना के समय मौजूद भौगोलिक परिस्थितियों, दूरी और गवाहों के बयानों का मिलान करने के लिए साक्ष्य जुटाए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय चश्मदीदों और आस-पास के लोगों से भी संक्षिप्त बातचीत की ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। कानूनी और मानवाधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च स्तरीय निरीक्षण और पीड़ितों से सीधी मुलाकात के बाद जांच में तेजी आएगी, जिससे राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगे गंभीर आरोपों की सच्चाई जल्द ही अदालत के सामने आ सकेगी।
