किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत सुखानी थाना क्षेत्र के गंभीरगढ़ चौक के समीप सोमवार दोपहर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 327 ई पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। अररिया-गललिया मार्ग पर एक डंपर और एक ट्रक के बीच हुई आमने-सामने जोरदार टक्कर में दोनों वाहनों में आग लग गई। जिसमें दो चालक व एक खलासी जिंदा जल गये। जबकि एक खलासी गंभीर रूप से जख्मी हैं। जिनका इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहनों के बीच जोरदार आवाज के साथ टक्कर हुई और डंपर में भीषण आग भड़क उठी। कुछ ही पल में दोनों वाहन से धू-धू कर आग निकलने लगी। दोनों वाहनों के चालक और खलासी अंदर ही फंस गए। बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिलने के कारण डंपर के चालक व खलासी तथा ट्रक के चालक की आग में झुलसकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सूचना मिलते ही सुखानी थाना की पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीन लोगों की जान जा चुकी थी। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान ट्रक के खलासी को गंभीर स्थिति से बाहर निकाल लिया गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार ट्रक संख्या बीआर 05जीडी- 5248 के चालक मोतिहारी निवासी धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई। जबकि डंपर के चालक व खलासी की भी मौत हुई है। जिसकी पहचान नहीं हो पायी है। ट्रक के खलासी मोतहारी जिले के साहिल आलम का इलाज चल रहा है। चावल से लदी ट्रक मोतिहारी से गुवाहाटी के लिए जा रही थी और डंपर सिलीगुड़ी से ठाकुरगंज होते हुए पौआखाली की ओर जा रहा था। जिसमें बोल्डर लदा था। डंपर के मालिक सुभाष सिंह बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि सड़क के एक लेन में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण डाइवर्जन किया गया था। इसी वजह से दोनों भारी वाहन एक ही लेन में आमने-सामने आ गए और यह भयावह हादसा हो गया। हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। एसडीपीओ टू मंगलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस हादसे में कुल तीन लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि घायल से पूछताछ के बाद दुर्घटना के कारणों को पूरी तरह स्पष्ट किया जाएगा। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिया है।
