पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर शुक्रवार की अहले सुबह चार बजे फरक्का से जीआरपी ने पांच तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 88 दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद किए। गिरफ्तार तस्कर पप्पू कुमार, आकाश कुमार, रजत कुमार, अक्षय कुमार और गीता देवी यूपी के सुल्तानपुर के रहने वाले हैं। कछुओं को वाराणसी में ट्रेन पर लोड किया गया था।
जीआरपी थानेदार राजेश कुमार सिन्हा को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रेन से कछुओं की तस्करी की जा रही है। इसी आधार पर टीम ने फरक्का एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही संदिग्धों की तलाशी ली। इस दौरान बैग में छिपाकर रखे गए 88 कछुए बरामद किए गए, जिन्हें अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। इनमें एक कछुआ मरा मिला। बरामद कछुओं को सुरक्षित रखते हुए वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है, जहाँ उनकी देखभाल की जा रही है। वन विभाग केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगा।
कोलकाता ले जाया जा रहा था : प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कछुओं की तस्करी बड़े नेटवर्क के जरिए की जा रही थी। वाराणसी से कछुओं को ट्रेन में
लोड कर पटना होते हुए कोलकाता ले जाया जारहा था। वहां एक बड़े रैकेट के हवाले सभी कछुओं को कर दिया जाता। वन विभाग की टीम पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
कछुओं का पैर बंधा था, मुंह में लगा था क्लिप : तस्करों ने कछुओं को ले जाने में क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। किसी को यह पता न चले कि भारी संख्या में कछुए हैं, इसके लिए तस्करों ने उनके मुंह को क्लिप से बांध दिया था। कछुए के पैर भी बंधे मिले।
इसके बाद उन्हें एक बैग में रखा गया था। घुटन के कारण एक्क कछुए की मौत हो गई।
