कारा में बंद रहते हुए देश के पांच शहरों में सोना लूट की घटना को सोना लूट गिरोह के सरगना सुबोध सिंह ने अंजाम दिलाया है।
इस बात का खुलासा होते ही तीन मई को तेलगांना के करीमनगर में हुई सोना लूट की घटना में तेलंगाना पुलिस पूर्णिया केंद्रीय कारा में बंद गोल्ड लूट गैंग के सरगना सुबोध सिंह को गुरुवार की शाम ट्राजिंट रिमांड पर लेकर हैदराबाद रवाना हो गई है। पूर्णिया केन्द्रीय कारा के अधीक्षक मनोज कुमार ने भी तेलगांना पुलिस द्वारा सुबोध सिंह को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की पुष्टि की है।
यह मामला हैदराबाद के करीमनगर के पीएमजे ज्वेलर्स का है। वहां तीन मई को दिनदहाड़े 82.02 लाख रुपये की ज्वेलरी लूट की घटना को अंजाम दिया गया था।
इस लूट मामले में हैदराबाद पुलिस ने 15 मई 2026 को तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। आरोपितों से पूछताछ के बाद इस बात का खुलासा हुआ कि ज्वेलरी लूटकांड को वर्तमान में बिहार के पूर्णिया जेल में बंद सुबोध सिंह के कहने पर अंजाम दिया गया है।
आरोपितों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि सुबोध सिंह ने 15 मिनट में 15 किलोग्राम सोना लूटकर भागने का टारगेट दिया था। यद्यपि पीएमजे में लूट के दौरान विरोध के बाद अपराधी सिर्फ 1.61 किलोग्राम सोना और हीरा ही लेकर भाग पाए। पुलिस ने दो अपराधियों रघुनाथ कर्माकर और रविश कुमार को इस मामले में गिरफ्तार किया । गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल के मल्लिकपाड़ा निवासी रघुनाथ कर्मकार के खिलाफ डकैती, हत्या और आर्म्स एक्ट के सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वहीं रवीश कुमार जो बिहार के गवाल भीगा गांव का निवासी, उसके खिलाफ 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा मेहताब खान पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान निवासी, जिसने गिरोह को 10,000 रुपये प्रति सिम कार्ड की दर से सिम कार्ड की आपूर्ति की थी। बंगाल के रहने वाले रघुनाथ की पहली मुलाकात सुबोध से कुछ महीने पहले उस वक्त हुई थी, जब वे दोनों पश्चिम बंगाल के आसनसोल जेल में बंद थे।
इस गिरोह द्वारा सोना लूट की घटना को अंजाम देने से पहले लगभग दो महीने तक खम्मम, सिद्दिपेट, पेद्दापल्ली और करीमनगर जिलों में कहकर रेकी की गयी थी।
पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने फर्जी आधार कार्ड, गाड़ियों की नकली रजिस्ट्रेशन वाली नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया। साथ ही पेद्दापल्ली, सिद्दिपेट और धर्मपुरी के निजी लॉजों में रुके।
अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले दो मई को महाराष्ट्र के चंद्रपुर से देसी पिस्तौलें खरीदी थीं। तीन मई को लुटेरों ने पीएमजे ज्वैलर्स शोरूम पर गोलीबारी की, जिसमें चार कर्मचारी घायल हो गए और वे 161.4 तोला सोने के आभूषण, 112 कैरेट हीरे के आभूषण, जिनकी कीमत 82.02 लाख रुपये थी, लेकर फरार हो गए।कारा में बंद रहने के दौरान हाल के कुछ दिनों में गुजरात के सूकत एवं मध्यप्रदेश के जबलपुर एवं बंगाल के मुर्शिदाबाद में घटी सोना लूट की घटना में भी सुबोध गिरोह द्वारा अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है।
इन मामलों में भी स्थानीय पुलिस ने जिन अपराधियों को पकड़ा है उनके द्वारा सुबोध गिरोह द्वारा लूट की घटना को अंजाम देने की बात बताई गयी है। इन मामलों में सुबोध सिंह द्वारा बंगाल के ज्यादातर अपराधियों का उपयोग किया गया है।
बताया जाता है कि बंगाल के कई जेलों में लंबे समय तक रहने के दौरान सुबोध सिंह ने अपराधियों की नयी फौज तैयार कर ली है। इन लूट की किसी भी घटना में पुलिस अब तक लूटा गया सोना बरामद नहीं कर पायी है।
