March 31, 2026
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बिहार के भागलपुर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक सटीक जाल बिछाकर बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एसडीएम कार्यालय में तैनात स्टेनो प्रेम कुमार को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बिहार के भागलपुर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक सटीक जाल बिछाकर बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एसडीएम कार्यालय में तैनात स्टेनो प्रेम कुमार को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। निगरानी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सरकारी काम के एवज में भारी भरकम राशि की मांग की जा रही है, जिसके सत्यापन के बाद यह छापेमारी की गई। इस भ्रष्टाचार के खेल में प्रेम कुमार अकेला नहीं था। निगरानी टीम ने उसके सहयोगी मयंक कुमार को भी मौके से दबोच लिया है। बताया जा रहा है कि मयंक इस घूसखोरी की प्रक्रिया में बिचौलिए या सहायक की भूमिका निभा रहा था। टीम ने न केवल रिश्वत की रकम बरामद की, बल्कि दोनों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। गिरफ्तार स्टेनो प्रेम कुमार का इतिहास काफी विवादास्पद रहा है। वह पहले जिला अधिकारी (DM) का पीए रह चुका है और बिहार के चर्चित ‘सृजन घोटाले’ में भी उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था। उस मामले में वह जेल की हवा भी खा चुका है। जेल से आने के बाद वर्तमान में वह एसडीएम कार्यालय में स्टेनो के पद पर तैनात था, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं दिखा। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद भागलपुर कलेक्ट्रेट और संबंधित सरकारी कार्यालयों में हड़कंप का माहौल है। निगरानी विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस घूसकांड के तार विभाग के अन्य बड़े अधिकारियों से भी जुड़े हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

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