मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने दिल्ली में पूर्वोत्तर भारत के व्यक्तियों पर हुए एक और हमले पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे “घृणित” करार दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ बार-बार होने वाली हिंसा और भेदभाव की घटनाओं पर अपनी गंभीर चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी नस्लीय घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
संगमा ने इस बात पर जोर दिया कि देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली के अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने का आग्रह किया। इस घटना ने एक बार फिर महानगरों में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता पर बहस छेड़ दी है। विभिन्न संगठनों ने भी इस हमले की निंदा करते हुए ‘नस्लीय भेदभाव’ के खिलाफ कड़े कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है।
