पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के राज्य के प्रति योगदान पर प्रश्न चिह्न लगाकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि सेन ने बंगाल के विकास या यहाँ के लोगों की भलाई के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्थशास्त्री केवल विदेश में रहकर बयानबाजी करते हैं और जमीनी स्तर पर उनका कोई प्रभाव नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के नेता की इस टिप्पणी ने राज्य के बौद्धिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है, जहाँ सेन को एक सम्मानित विभूति माना जाता है।
तृणमूल कांग्रेस और राज्य के अन्य बुद्धिजीवियों ने शुभेंदु अधिकारी के इस बयान की कड़ी निंदा की है। सत्ताधारी दल के प्रवक्ताओं का कहना है कि विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त विद्वान के विरुद्ध ऐसी भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह भाजपा की बंगाल विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। समर्थकों का तर्क है कि सेन का कल्याणकारी अर्थशास्त्र में किया गया कार्य वैश्विक स्तर पर मानवता के काम आया है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। इस वाकयुद्ध ने एक बार फिर बंगाल की अस्मिता और महान हस्तियों के सम्मान से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।
