उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के सदर ब्लॉक में तड़के आए एक भीषण चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सिलीगुड़ी से २२ मई २०२६ को जारी इस प्राकृतिक आपदा रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह लगभग ४:३० बजे आए इस तीव्र तूफान ने सदर ब्लॉक की ३ प्रमुख पंचायतों क्रमशः नंदनपुर-बोआलमारी, खारीजा बेरूबारी प्रथम और द्वितीय के कम से कम १८ गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस आपदा में लगभग ४० घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं जबकि १५० घरों को आंशिक रूप से गंभीर नुकसान पहुँचा है। तूफान के कारण १५० से २०० परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी नागरिक के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन अचानक आए इस संकट से सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं।
तूफान के तीव्र वेग के कारण सैकड़ों पेड़ और विशाल शाखाएं उखड़ गईं, जिससे सड़कें और रेल पटरियां पूरी तरह अवरुद्ध हो गईं। हल्दीबाड़ी-न्यू जलपाईगुड़ी रेल मार्ग पर मंडलघाट रेलवे स्टेशन के पास एक विशाल पेड़ उखड़कर पटरी और ओवरहेड बिजली के तारों पर गिर गया, जिससे सुबह लगभग ९:०० बजे तक ट्रेन सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इस दौरान मंडलघाट रेल गेट के पास पटरी पर पड़े पेड़ को देखकर लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक लगाए, जिससे दीघा जाने वाली पहाड़िया एक्सप्रेस एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। तूफान के कारण बिजली के तार टूटने और कम से कम ५० बिजली के खंभे उखड़ने से पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति कई घंटों तक पूरी तरह ठप रही। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जिला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा टीमों, दमकल कर्मियों, पुलिस और पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर संयुक्त बहाली अभियान चलाया है, और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाकर राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
