October 13, 2026
WhatsApp Image 2026-10-13 at 9.58.13 AM

नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में शुक्रवार को छात्रों की ओर से निर्मित फिल्म ‘सफर’ का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान फिल्म से विभाग के पूर्व छात्रों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में फिल्म निर्माण के इस प्रयास की सराहना की गई और विद्यार्थियों के साथ भावी परियोजनाओं के संबंध में चर्चा की गई।

फिल्म ‘सफर’ के माध्यम से आज के विद्यार्थियों के सामने आने वाली करियर संबंधी चुनौतियों और सही समय पर अपने लक्ष्य के अनुसार रास्ता चुनने के महत्व को दर्शाया गया। फिल्म का संदेश है कि सफलता के लिए मेहनत के साथ वैकल्पिक योजना यानी प्लान बी तैयार रखना भी जरूरी है। यदि किसी एक रास्ते पर अपेक्षित सफलता नहीं मिलती, तो निराश होने के बजाय अपनी रुचि और क्षमताओं के अनुरूप नए अवसर तलाशने चाहिए।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने फिल्म निर्माण से जुड़े विद्यार्थियों के प्रयास पर गर्व जताया। उन्होंने कहा आज के विद्यार्थियों के लिए इस तरह की कहानियां प्रासंगिक हैं। जीवन में लक्ष्य तय करना जरूरी है, लेकिन उसके साथ वैकल्पिक योजना भी होनी चाहिए, ताकि किसी एक प्रयास में सफलता नहीं मिलने पर विद्यार्थी आगे बढ़ने का दूसरा रास्ता चुन सकें।

वहीं, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा जीवन का सफर लंबा होता है। ऐसे में हौसला बुलंद रखते हुए लगातार प्रयास करना चाहिए। सफलता के लिए अपनी रुचि को पहचानना, परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना और नए अवसरों के लिए तैयार रहना महत्वपूर्ण है।

फिल्म ‘सफर’ का निर्देशन वरुण देव ने किया। तुषार सागर ने डीओपी की जिम्मेदारी निभाई, जबकि पटकथा नूपुर महतो ने लिखा है और एडिटिंग सुमित कुमार ने की। फिल्म में सत्यम कुमार तिवारी, अनन्या लेप्पी, एकता शरण, सुमिष्टि मंडल, मणि पांडेय और कौशिक भट्टाचार्य ने अभिनय किया।
इस कार्यक्रम में कुलाधिपति शमदन मोहन सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि, रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोजिब अशरफ, अकादमिक सलाहकार प्रो. दिलीप शोम, निर्देशक (आईक्यूएसी) डॉ. गरिमा सिंह, डीन (एडमिनिस्ट्रेशन) डॉ. राकेश कुमार, डीन (एकेडमिक) अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रोडक्शन टीम, विश्वविद्यालय के विधि विभाग और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थीयों का विशेष योगदान रहा। इस फिल्म के प्रदर्शन के माध्यम से विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का प्रयास किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *