देवघर बाबा मंदिर में लगे दानपेटियों को बुधवार को गिनती के लिए खोला गया। इस दौरान दान की गयी राशि व अन्य सामान का मिलान कड़ी सुरक्षा के बीच किया है। इस दौरान एक हैरान करने वाली बात सामने आयी है।
इस दौरान लाखों का भारतीय रुपया, अमेरिकी डालर, यूरो, नेपाली रुपया के साथ पाकिस्तानी करंसी भी बरामद किया गया है। बरामद किए गए एक पाकिस्तानी करंसी का मूल्य 100 रुपया बताया जाता है।
जानकार बताते हैं ये पहला मौका है जब बाबा मंदिर की दानपेटी में पाकिस्तान का करंसी मिला है। इसकी बरामदगी के बाद यहां की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। अंदर ही अंदर अब इसकी जांच भी शुरु हो रही है। बताया जाता है कि पिछले बार 9 जनवरी को दानपेटी खोला गया था। उसके बाद से लेकर अब तक का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। ये पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं कोई पाकिस्तान के पासपोर्ट पर इस दौरान बाबा मंदिर पूजा करने तो नहीं था। ये भी संभव है कि कोई कभी पाकिस्तान गया हो और उसके पास वहां का नोट था जिस उसने लाकर दानपेटी में डाल दिया। लेकिन चूंकि मामला पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है इस कारण सुरक्षा व खुफिया विभाग की टीम कोई रिस्क नहीं लेना चाहती हे। जानकारी हो कि पिछले दिनों यूपी के गाजियाबाद जिले से संदिग्ध युवक व युवती को पकड़े गए थे। मिली जानकारी के अनुसार जांच के दौरान उनके पास से देवघर बाबा मंदिर का फोटो व वीडियो मिला है। उनके द्वारा यहां की रेकी किए जाने की आशंका है।
सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला कि इन लोगों का कनेक्शन पाकिस्तान के आईएसआई से जुड़ा हुआ था। ये लोग पैसा लेकर देश के विभिन्न जगहों का वीडियो, फोटो व अन्य जानकारी सीमापार भेज रहे थे। वहीं पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद एक महिला यू टयूबर ज्योति मलहोत्रा पकड़ी गयी थी। उस पर भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप लगा था।
जांच में पता चला था कि वह भी सुल्तानगंज से बाबा मंदिर तक का सफर कर चुकी है। पूरे रूट का वीडियो व फोटो उसने बनाया था। इसकी भी जांच हुई थी। बढ़ती गतिविधियों के बीच पुलिस द्वारा लगातार मंदिर की सुरक्षा आडिट की जा रही है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। बाबा मंदिर की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। मंदिर में लोग मोबाइल, थैला, बैग व अन्य सामान लेकर आसानी से घुस जाते हैं। हर दिन लोग बाबा मंदिर के गर्भगृह के अंदर का वीडियो व फोटो खींचकर उसे इंटरनेट मीडिया में अपलोड करते रहते हैं। ऐसे में ये मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रश्नचिन्ह उठाता है।
यहां के सभी प्रवेश द्वार पर सुरक्षा का खास इंतजाम नहीं है। मंदिर में आने व जाने वालों की शायद ही जांच की जाती हो। उनके सामान की भी जांच नहीं होती है। जबकि हर दिन बाबा मंदिर में देश व विदेश से बाबा भोले के भक्त पूजा करने के लिए पहुंचते हैं। देवघर में हवाई सेवा के शुरु हो जाने के बाद से बाहरी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला काफी बढ़ गया है।
वहीं अगर बात करें तो देश के कई प्रतिष्ठित मंदिरों में कोई भी सामान अंदर ले जाने की मनाही है। वहां न तो मोबाइल व न ही कोई बैग लेकर अंदर जा सकता है। यहां तक की कलम तक को बाहर रखवा लिया जाता है। वहीं मंदिर में हर आने व जाने वाले की कड़ी सुरक्षा जांच की जाती है। जांच के लिए महिला व पुरुष पुलिस कर्मी रहते हैं। मेटल डिटेक्टर डोर व स्कैनर की व्यवस्था की गयी है।
इसकी तुलना में देवघर बाबा मंदिर में सुरक्षा जांच की व्यवस्था न के बराबर है। यहां बल व संसाधन दोनों की कमी है। ऐसे में अब देवघर बाबा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को भी गंभीरता से लेने की जरूरत है। कम से कम मोबाइल व थैला को मंदिर के अंदर ले जाने पर पूर्ण रोक लगायी जानी चाहिए। बिना अनुमति की यहां फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करने पर रोक लगायी जानी चाहिए।
