छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स २०२६’ में पूर्वोत्तर भारत के एथलीटों ने अपना दबदबा कायम करते हुए भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) स्पर्धाओं में पदकों की झड़ी लगा दी है। विशेष रूप से मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इन खेलों ने देश के दूरदराज के क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभा को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है, जहाँ पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक शक्ति और तकनीक का लोहा मनवाया है।
प्रतियोगिता के दौरान कई नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बने, जो आदिवासी समुदायों के बीच खेल संस्कृति के बढ़ते स्तर को दर्शाते हैं। भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने इस सफलता को ‘खेलो इंडिया’ अभियान की एक बड़ी उपलब्धि बताया है, जिसका उद्देश्य भविष्य के ओलंपिक विजेताओं को जमीनी स्तर से तैयार करना है। रायपुर में दर्शकों के भारी उत्साह के बीच, इन युवा भारोत्तोलकों ने न केवल अपने राज्यों का मान बढ़ाया है, बल्कि भारतीय खेल जगत में पूर्वोत्तर की पहचान को एक नई मजबूती भी दी है।
