उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के अंतर्गत आने वाले बनारहट ब्लॉक के गैरकाटा चाय बागान में वन विभाग द्वारा लगाए गए एक पिंजरे में एक वयस्क नर तेंदुआ सफलतापूर्वक कैद कर लिया गया है। सिलीगुड़ी से १९ मई २०२६ को जारी इस वन्यजीव रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से यह तेंदुआ चाय बागान के श्रमिकों के आवासों के आसपास लगातार घूम रहा था और उनके पालतू पशुओं व अन्य मवेशियों को अपना शिकार बना रहा था। इस हिंसक तेंदुए के लगातार बढ़ते हमलों के कारण पूरे चाय बागान क्षेत्र और स्थानीय श्रमिकों के परिवारों में भारी दहशत और भय का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी, जिसके बाद वन्यजीव कर्मियों ने बागान के भीतर एक विशेष पिंजरा लगाया और सोमवार को वह तेंदुआ उसमें फंस गया। इसके तुरंत बाद बिन्नागुड़ी वन्यजीव दस्ते की एक टीम मौके पर पहुँची और तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया। वन्यजीव अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए की स्वास्थ्य जांच की जाएगी और पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर उसे वापस घने जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।
चाय बागान में तेंदुए के पकड़े जाने की इस बड़ी राहत के साथ ही जलपाईगुड़ी जिले के चालसा क्षेत्र से जंगली हाथियों द्वारा की गई भारी तबाही की एक अन्य घटना भी इसी रिपोर्ट में सामने आई है। सोमवार तड़के जंगली हाथियों का एक विशाल झुंड चालसा के एक आवासीय इलाके में घुस आया और उन्होंने वहाँ स्थित एक घर के मुख्य गेट को पूरी तरह तोड़ दिया। इसके बाद हाथियों ने पास के एक केले के बागान को भारी नुकसान पहुँचाया और ठीक बगल में स्थित चावल के एक बड़े गोदाम को अपना निशाना बनाया। हाथियों ने गोदाम की मजबूत दीवार के एक हिस्से को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और अपनी सूंड की मदद से अंदर रखी चावल की बोरियों को बाहर खींचकर अनाज को चट कर गए। सुबह जब स्थानीय निवासी जागे तो उन्होंने पूरी सड़क पर चावल के दाने बिखरे हुए पाए। वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथियों के इस झुंड को वापस खदेड़ने के लिए इलाके में एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम को तैनात कर दिया गया है और सीमावर्ती वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
