कोलकाता पुलिस ने आगामी चुनावों या सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की गश्ती गतिविधियों की जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत, शहर के विभिन्न हिस्सों में तैनात केंद्रीय बलों के मार्ग और उनकी रीयल-टाइम लोकेशन की निगरानी मुख्यालय से की जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों के संचालन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त की प्रभावशीलता का सटीक आकलन करना है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक गश्ती दल को जीपीएस-सक्षम उपकरणों से लैस किया जाएगा, जो सीधे पुलिस के एकीकृत नियंत्रण कक्ष से जुड़े होंगे। इससे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को यह जानने में मदद मिलेगी कि कौन सा बल किस समय कहाँ मौजूद है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देना आसान हो जाएगा। यह तकनीक न केवल गश्ती मार्गों के दोहराव को रोकेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि शहर के हर कोने, विशेष रूप से तंग गलियों और अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति दर्ज हो सके।
