सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आठ मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में उत्पादन वृद्धि अप्रैल में दो महीने के उच्चतम स्तर 1.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसकी मुख्य वजह स्टील, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में हुई बढ़ोतरी थी। पिछले साल इसी महीने में इन आठ सेक्टरों में 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। मार्च में विस्तार की गति 1.2 प्रतिशत थी। समीक्षाधीन महीने के दौरान कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल में स्टील, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में क्रमशः 6.2 प्रतिशत, 9.4 प्रतिशत और 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इन आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए, इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की डायरेक्टर – इकोनॉमिक्स, मेघा अरोड़ा ने कहा कि अप्रैल में मुख्य सेक्टरों के बेहतर प्रदर्शन से आने वाले समय में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि बढ़कर लगभग 5 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। मुख्य सेक्टरों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27 प्रतिशत का योगदान होता है। अरोड़ा ने कहा, “Ind-Ra को उम्मीद है कि मुख्य सेक्टरों में सुधार जारी रहेगा और मई 2026 में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह पिछले साल का कम आधार (low base) और उर्वरक उत्पादन में संभावित सुधार है।” ICRA Ltd के सीनियर इकोनॉमिस्ट, राहुल अग्रवाल ने कहा कि आठ में से पांच सेक्टरों के उत्पादन में इस महीने गिरावट दर्ज की गई। इनमें स्टील, सीमेंट और बिजली उत्पादन को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर शामिल हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि कुछ सेक्टरों में आर्थिक गतिविधियां पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित हुई हैं।
