जेआरडी टाटा स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में जमशेदपुर सुपर लीग के अंतगर्त देश पहला ट्रांसजेंडर लीग शुरू हुआ जिसमें 7 टीम भाग ले रही। मैच में करीब 70 ट्रांसजेंडर प्रतिभागी भाग ले रहे. जेआरडी टाटा स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ट्रांसजेंडर लीग में जमशेदपुर एफटी ने चाईबासा एससी को 7-0 से हराया। मैच में ट्रांसजेंडर पूजा सोय ने कहा कि ट्रांसजेंडर महिला के तौर पर नहीं, बल्कि एक फुटबॉलर के तौर पर जिसे आखिरकार उस स्टेज पर पहचान मिली जिसका उसने लंबे समय से सपना देखा था। उसने कहा कि पहली बार उसे लगा कि उसे जेंडर के लिए नहीं, बल्कि मेरे खेल के लिए देखा जा रहा है। उसने कहा कि जमशेदपुर एफसी की चाइबासा एफटी पर 7-0 की जीत से उसकी आंखें अभी भी चमक रही थी।
जेआरडी टाटा स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में शुरू हुई जमशेदपुर सुपर लीग के सबसे नए चैप्टर का सार बताती है। जमशेदपुर सुपर लीग के समावेशिता व सभी के लिए फुटबॉल के बड़ी शुरूआत के तहत शुरू की गई ट्रांसजेंडर लीग जल्दी ही इस बात का प्रतीक बन गई है कि जब रुकावटें हटा दी जाती हैं तो खेल क्या हासिल कर सकता है। कोल्हान टाइगर एफसी ने चक्रधरपुर एफसी पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज करायी, जबकि जमशेदपुर इंद्रानगर एफसी व नोआमुंडी एफसी के बीच मैच 0-0 से ड्रा रहा।
इस लीग में इस लीग में सात टीमें हैं जमशेदपुर एफटी, चाइबासा सी, चक्रधरपुर एफसी, जमशेदपुर इंद्रानगर एफसी, नोआमुंडी एफसी, सरायकेला एफसी व कोल्हान टाइगर एफसी जिनमें 70 खिलाड़ी हैं जो जीवन के सभी क्षेत्रों से आते है। उनमें से कुछ टाटा स्टील के कर्मचारी हैं, दिहाड़ी मजदूर हैं, छोटे व्यवसायों में काम करने वाले हैं, अन्य ऐसे लोग हैं जो बस खेलने का मौका चाहते थे। प्रत्येक टीम 12 मैच खेलेगी जिनमें 42 मैच होंगे।
