दूध के ड्रम को देखकर किसी को दूध की सप्लाई का अंदाजा हो सकता है, लेकिन इसी ड्रम में चरस और नेपाली शराब छिपाकर तस्करी की जा रही थी। पूर्वी चंपारण के महुआवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने तस्करी के इस तरीके का पर्दाफाश किया है।
धर्मनगर गांव के समीप सड़क किनारे खड़ी बाइक पर लदे दूध के ड्रम की तलाशी में 180 बोतल नेपाली कस्तूरी शराब और 509 ग्राम चरस जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस की गश्ती के दौरान भनक लगते ही धंधेबाज बाइक छोड़कर नेपाल सीमा की ओर फरार हो गया।
महुआवा थानाध्यक्ष मनोज कुमार के अनुसार, पुलिस गश्ती के दौरान धर्मनगर सीमा सड़क के किनारे एक बाइक खड़ी मिली। बाइक पर दूध का ड्रम लदा था। संदेह होने पर पुलिस ने ड्रम की तलाशी ली। इस दौरान उसमें 180 बोतल नेपाली कस्तूरी शराब मिली। ड्रम में शराब के नीचे छिपाकर 509 ग्राम चरस जैसा मादक पदार्थ भी रखा गया था। पुलिस की गतिविधि की भनक लगते ही बाइक सवार धंधेबाज अंधेरे का फायदा उठाकर नेपाल सीमा की ओर भाग निकला। पुलिस ने बाइक और मादक पदार्थों को जब्त कर लिया है। जब्त बाइक के आधार पर फरार धंधेबाज की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी में जुटी है।
भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में नशीले पदार्थों और शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार गश्ती कर रही है। इसके बावजूद तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। दूध के ड्रम में शराब और चरस छिपाकर ले जाने का मामला भी इसी तरह की तस्करी की ओर इशारा करता है। महुआवा थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि फरार धंधेबाज की पहचान कर उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में एसआई सिकंदर कुमार, चौकीदार रूपेश कुमार, विजय राय और दफादार प्रमोद सिंह शामिल थे।
