मखमीलपुर गांव निवासी और रानीगंज कोलफील्ड से सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेंद्र भुईंया को साइबर अपराधियों ने एनआईए और सीबीआई का भय दिखाकर चार घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
डरा-धमका और जेल जाने की बात कहकर बुजुर्ग से 10 लाख रुपये की मांग की। वह बैंक जाकर रुपये देने के लिए आरटीजीएस फार्म भर ही रहे थे कि पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारी चंद्रेश नारायण कुमार ने उनकी घबराहट को भांप लिया।
उनका मोबाइल लेकर पहले नेट ऑफ किया, बाद में खाते को ब्लाक कर उनकी जीवनभर की कमाई लुटने से बचा ली। इसके बाद तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय थाने की पुलिस को दी, जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। मखमीलपुर निवासी 64 वर्षीय सुरेंद्र भुईंया को अज्ञात वीडियो कॉल आई। फोन करने वालों ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आला अधिकारी बताया। डराने के लिए स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी पहने कई लोग दिखाई दे रहे थे।
