टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक बोनस को लेकर गुरुवार को समझौता हुआ। समझौते के तहत कंपनी के विभिन्न संयंत्रों एवं इकाइयों के पात्र कर्मचारियों के बीच करीब 315 करोड़ रुपये का बोनस वितरित किया जाएगा। समझौते के अनुसार बोनस की गणना कंपनी की लाभप्रदता, उत्पादन, उत्पादकता और सुरक्षा प्रदर्शन के आधार पर की गई है।
समझौते में वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए लागू वार्षिक बोनस योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भी जारी रखने पर सहमति बनी। निर्धारित फार्मूले के तहत कंपनी के शुद्ध लाभ का 1.5 प्रतिशत तथा लाभप्रदता, उत्पादकता और सुरक्षा के प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त राशि बोनस के रूप में निर्धारित की गई है। बोनस की अधिकतम सीमा कुल बोनस योग्य वेतन की 20 प्रतिशत रखी गई है।
25,603 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गणना के आधार पर कुल बोनस राशि 314.53 करोड़ रुपये आती है, जिसे राउंड ऑफ कर 315 करोड़ रुपये किया गया है। यह राशि कंपनी की विभिन्न पात्र इकाइयों के 25,603 कर्मचारियों के बीच वितरित होगी।
जमशेदपुर की इकाइयों, जिसमें ट्यूब्स डिवीजन भी शामिल है, के करीब 11,021 कर्मचारियों के बीच कुल 163.85 करोड़ रुपये का बोनस बांटा जाएगा।
जमशेदपुर में औसत बोनस 1.48 लाख रुपये
समझौते के अनुसार जमशेदपुर और ट्यूब्स के कर्मचारियों का औसत बोनस 1,48,675 रुपये होगा। ओल्ड सीरीज (OS) के कर्मचारियों को वास्तविक उपस्थिति के आधार पर अधिकतम 4,52,512 रुपये, जबकि न्यू सीरीज (NS) के कर्मचारियों को अधिकतम 1,28,448 रुपये तक बोनस मिलेगा।
वहीं, पूर्ण उपस्थिति वाले NS सीरीज कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये निर्धारित किया गया है।
बोनस निर्धारण में ये रहे प्रमुख आंकड़े
समायोजित शुद्ध लाभ : 11,035.24 करोड़ रुपये
बिक्री योग्य इस्पात : 16.11 मिलियन टन
लाभप्रदता : 6,852 रुपये प्रति टन
क्रूड स्टील उत्पादन : 17.26 मिलियन टन
कर्मचारी संख्या (EOR) : 25,603
उत्पादकता : 674.2 टन क्रूड स्टील/कर्मचारी/वर्ष
सुरक्षा प्रदर्शन : 0.39 LTIFR
कंपनी स्तर पर कुल बोनस : 315 करोड़ रुपये
जमशेदपुर व ट्यूब्स के लिए : 163.85 करोड़ रुपये
समझौते से टाटा स्टील के हजारों कर्मचारियों को वार्षिक बोनस का लाभ मिलेगा। कंपनी और यूनियन के बीच बोनस भुगतान की यह व्यवस्था पिछले वर्षों से चली आ रही सहमति के अनुरूप जारी रखी गई है।
