गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रीय मिठाई जलेबी के लिए भारी हंगामा हो गया। खूब लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ, जिसमें चार लोग जख्मी हो गए और तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। जलेबी बांटने आए मुखिया व उनके समर्थकों को पंचायत सरकार भवन में छिपकर जान बचानी पड़ी। पुलिस ने आकर सुरक्षित निकालकर घर पहुंचाया।
यह मामला सदर प्रखंड अंतर्गत गोनवां पंचायत का है। गोनवां गांव के पंचायत सरकार भवन परिसर में 26 जनवरी को झंडोत्तोलन कार्यक्रम था। पंचायत के मुखिया अमरनाथ सिंह झंडोत्तोलन के लिए अपने समर्थकों के साथ चार गाड़ियों से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। झंडोत्तोलन के बाद परंपरा के अनुसार प्रसाद वितरण में जलेबी बंटने लगी। पांच किलो जलेबी लेकर मुखिया आए थे, भीड़ की वजह से मात्रा कम पड़ गई, कतार में लगे बच्चे हल्ला करने लगे। इस पर मुखिया व उनके समर्थकों ने आपा खो दिया और बच्चों को डंडे से पिटाई कर दी, जिससे ग्रामीण उग्र हो गए और मुखिया समर्थकों पर टूट पड़े। दोनों ओर से मारपीट व पथराव शुरू हो गया, जिसमें एक ग्रामीण व तीन समर्थक जख्मी हो गए। ग्रामीणों को भारी पड़ता देख मुखिया और उनके समर्थक मैदान छोड़कर भागे और पंचायत सरकार भवन में शरण लिया। गेट को अंदर से बंदकर तत्काल पुलिस को सूचना दी। मुखिया के नहीं मिलने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने उनकी तीन गाड़ियों को लाठी-डंडों से मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना में घायल गोनावां गांव निवासी रमाकांत पासवान ने बताया कि मुखिया जलेबी बांट रहे थे। जलेबी कम पड़ने पर बच्चे हल्ला करने लगे, तभी मुखिया और उनके बेटे द्वारा डंडे से मारपीट शुरू कर दी गई। वह बीच-बचाव करने पहुंचे थे, इसी दौरान डंडे के वार से उनका हाथ टूट गया, शरीर पर भी कई जगह चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें सदर अस्पताल जहानाबाद में भर्ती कराया गया। मुखिया अमरनाथ सिंह ने कहा कि बच्चे जलेबी लेकर भाग रहे थे। रोकने और बीच-बचाव करने के क्रम में यह घटना घटी। उन्होंने कहा कि जानबूझकर किसी के साथ मारपीट नहीं की गई। उनके भी तीन समर्थक घायल हैं।
थानाध्यक्ष श्यामाकांत पांडे ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। पंचायत के मुखिया की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और जांचोपरांत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पुलिस गांव में नजर बनाए हुए है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
