सुपौल जिला शिक्षा कार्यालय में वेतन भुगतान के नाम पर 1.83 करोड़ रुपये की कथित अवैध निकासी के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संग्राम सिंह के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई शुरू हो गयी है. जिलाधिकारी सावन कुमार की अनुशंसा के बाद बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने आरोप पत्र गठित कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. विभागीय निर्देश के बाद डीईओ से स्थापना शाखा का प्रभार भी वापस ले लिया गया है. मामले में 20 लोगों के बैंक खातों के माध्यम से कथित अनियमित भुगतान किए जाने की बात जांच में सामने आयी है. गलत पे आइडी मंजूर करने का आरोप
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय की ओर से जारी पत्र में डीएम, सुपौल के माध्यम से लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है. आरोप है कि गलत पे आईडी को अनुमोदित करने और नियमों के अनुरूप चेकर्स की व्यवस्था नहीं करने के कारण सरकारी राशि की कथित अवैध निकासी हुई.
इसके अलावा, अपनी संलिप्तता छिपाने के उद्देश्य से तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) आलोक रंजन आनंद के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करने के लिए विभाग को प्रतिवेदन भेजने का आरोप भी लगाया गया है. विभाग ने डीईओ से सभी आरोपों पर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है. उनका पक्ष सामने आने और स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा. शिक्षा विभाग की जांच के अनुसार, कई ऐसे शिक्षकों के नाम पर दोबारा विपत्र तैयार किए गए, जिनकी संबंधित राशि का पहले ही भुगतान हो चुका था. इसके बाद नई पे आईडी बनाकर राशि अलग-अलग बैंक खातों में भेजे जाने का मामला सामने आया.
जांच में सबसे बड़ी राशि लिपिक मो एहतेशामूल हक की मां नसीमा के खाते में भेजे जाने की बात सामने आयी है. सहरसा जिले के नौहट्टा की निवासी नसीमा के खाते में कथित तौर पर 1 करोड़ 22 लाख 26 हजार रुपये भेजे गए. यह राशि 11 शिक्षकों के नाम पर दोबारा तैयार किए गए विपत्रों के माध्यम से निकाले जाने का आरोप है.
इसी तरह लिपिक की सास सबीहा खातून के खाते में 19 लाख 40 हजार रुपये और उनकी बहन के खाते में 13 लाख 94 हजार रुपये भेजे जाने की बात जांच में सामने आयी. मुस्कान सहनी के खाते में भी 5 लाख 52 हजार रुपये के कथित अवैध भुगतान का उल्लेख है.
जांच में कुछ शिक्षकों के खातों में भी कथित अनियमित भुगतान सामने आया है. मध्य विद्यालय सिसौनी, किशनपुर के एक सहायक शिक्षक के खाते में 4 लाख 95 हजार 662 रुपये भेजे गए. यूएमएस नरही बेलही, किशनपुर के सहायक शिक्षक अरुण कुमार के खाते में 4 लाख 69 हजार रुपये और उर्दू मध्य विद्यालय, किशनपुर के सहायक शिक्षक अब्दुल बाकी के खाते में 2 लाख 52 हजार 25 रुपये भेजे जाने की बात सामने आयी.
इसके अलावा, मृत सेवानिवृत्त शिक्षक अब्दुल मन्नान के नाम पर पहले भुगतान हो चुकी बकाया राशि का दोबारा विपत्र तैयार कर उनके खाते में 2 लाख 39 हजार 976 रुपये भेजे जाने का मामला भी जांच में दर्ज है. जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि वेतन मद की राशि की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद विभाग को जानकारी दी गयी थी. डीईओ के विरुद्ध भी कार्रवाई की अनुशंसा की गयी थी. इसके बाद विभागीय निर्देश के अनुसार उनसे स्थापना शाखा का प्रभार वापस ले लिया गया.
फिलहाल डीईओ संग्राम सिंह का पक्ष सामने आना बाकी है. विभागीय कार्रवाई में उनके स्पष्टीकरण और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.
