मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 65 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि महिला करीब 24 घंटे तक इमरजेंसी के बाहर इलाज के इंतजार में पड़ी रही और समय पर उपचार नहीं मिलने के बाद उसकी मौत हो गई।
मृतका की पहचान सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी निवासी रानी देवी (65) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, सीतामढ़ी में एक अज्ञात चारपहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। स्थानीय लोगों ने उन्हें सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें एसकेएमसीएच रेफर कर दिया।
परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस से महिला को एसकेएमसीएच की इमरजेंसी के बाहर लाया गया। आरोप है कि एंबुलेंस चालक उन्हें वहीं छोड़कर चला गया। उस वक्त महिला के साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि घायल महिला करीब 24 घंटे तक अस्पताल परिसर में ही पड़ी रहीं। इस दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई। परिजनों का आरोप है कि वह दर्द से कराहती रहीं, लेकिन किसी स्वास्थ्यकर्मी ने उनकी ओर ध्यान नहीं दिया।
जब परिजन महिला की तलाश करते हुए एसकेएमसीएच पहुंचे तो उन्हें उनकी मौत की जानकारी मिली। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड की सीढ़ियों के नीचे महिला का शव पड़ा हुआ था। इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की देखभाल को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर रानी देवी को समय पर इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। मौत के बाद परिजनों में अस्पताल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की मौत के करीब 24 घंटे बाद कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। कथित तौर पर उन्हें कागजों पर भर्ती दिखाया गया और ईसीजी की औपचारिकता पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया।
मामले को लेकर एसकेएमसीएच के अधीक्षक महेश प्रसाद ने कहा कि घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच कराने की बात कही है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घायल महिला को समय पर इलाज और भर्ती की सुविधा क्यों नहीं मिल सकी और इस पूरे मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
