सीएसआईआर-एनएमएल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया. इस मौके पर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक स्मिता पंकज थी. वे भारतीय वन सेवा के 2006 बैच की अधिकारी हैं. उन्होंने महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी. उन्होंने वन सेवा में एक महिला के रूप में अपने अनुभवों की जानकारी देते हुए कहा कि वन सेवा को आमतौर पर महिलाओं के लिए एक अपरंपरागत करियर विकल्प माना जाता है. उन्होंने युवा महिलाओं से अनुरोध किया कि वे आगे बढ़ें व अपने मनपसंद करियर के मार्ग को चुनें. उन्होंने वनों की नाजुक प्रकृति व तापमान वृद्धि को नियंत्रित करने में वनों की भूमिका के बारे में भी विस्तार से बताया।
उन्होंने वैज्ञानिकों से खनन के सबसे अधिक टिकाऊ तरीकों पर शोध करने का आग्रह किया। उन्होंने उस समय को भी याद किया जब भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में शामिल होने से पहले उन्होंने सीएसआईआर-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण की थी. इस कार्यक्रम में व्याख्यान , सांस्कृतिक कार्यक्रम व फन एंड फूड फेस्ट शामिल था। इस मौके पर सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डा. संदीप घोष चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि सीएसआईआर-एनएमएल ने हमेशा संगठन में महिलाओं के योगदान का सम्मान किया है और एक ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी संगठन की असली ताकत होती हैं. डॉ. अंशु जे. कैलाथ, वैज्ञानिक व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह समिति की अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया. इस मौके पर सीएसआईआर-एनएमएल के सभी महिला सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सीएसआईआर-एनएमएल के प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण ने किया। इस मौके पर संचिता घोष चौधरी, सुमन सिंह पूजा कुमारी, मृणाल आदित्य समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
