धातु क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने हिंदुस्तान जिंक में अपनी एक दशमलव पांच नौ प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है, जिसके बाद इसके शेयरों पर बाजार की पैनी नजर है। यह बिक्री ‘बिक्री के लिए प्रस्ताव’ यानी ओएफएस के माध्यम से की जा रही है, जो आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। इस प्रक्रिया के तहत वेदांता लगभग छह करोड़ सत्तर लाख शेयर बेचने की योजना बना रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य कंपनी के कर्ज को कम करना और पूंजी संरचना को मजबूत करना है। इस खबर के आते ही शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के प्रति निवेशकों का उत्साह बढ़ गया है।
बिक्री के लिए न्यूनतम मूल्य यानी फ्लोर प्राइस पांच सौ पांच रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है, जो इसके पिछले बंद भाव से कुछ कम है। आज का दिन केवल संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है, जबकि खुदरा निवेशक कल यानी शुक्रवार को इस बोली में भाग ले सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वेदांता को पर्याप्त नकदी प्राप्त होगी, जिससे वह अपनी भविष्य की परियोजनाओं में निवेश कर सकेगी। हालांकि, इस बड़ी बिक्री के कारण लघु अवधि में शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है, जिसके लिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
