पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र अन्तर्गत आरा-पटना हाईवे पर लेखन टोला, परेव के समीप तेज रफ्तार ट्रक और ऑटो में टक्कर होने से ऑटो में सवार छह लोगों की मौत से हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। मृतकों में एक ही परिवार के तीन लोग हैं। मृतकों के स्वजन रविवार की सुबह गहरी नींद में थे। घर में सन्नाटा पसरा था, तभी सुबह तीन-चार बजे मोबाइल की घंटी बजी। जैसे ही फोन उठाया गया, उधर से आई मनहूस खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। पलभर में खुशियां मातम में बदल गईं और घर में चीख-पुकार मच गई। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य समेत सगे-संबंधी बिहटा, पटना के लिए रवाना हो गए।
सबसे अधिक दुखों का पहाड़ मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चित्रसेनपुर, दौलतपुर निवासी मो. शमशाद के परिवार पर टूटा है।
हादसे में उनके पुत्र मो. शहजाद, तीन वर्षीय पोता सफान एवं डेढ़ वर्षीय पोती अल्फी की मौत हो चुकी है, जबकि गंभीर रूप से घायल बहू नाजनी परवीन जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
मो. शहजाद दो भाई और पांच बहनों में छठे नंबर पर थे। चित्रसेनपुर गांव में पुत्र के वियोग में बुजुर्ग सैरा खातून का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की बहनों सोनी, मोनी, जिनत रिजवाना एवं नूरी की आंखों से भी आंसू नहीं थम रहे थे।
मृतक की बहन नूरी ने बताया कि शनिवार की शाम सात बजे के बाद उनके भाई एवं भाभी दोनों बच्चों को लेकर आरा आवास से ही पटना के मनेर में लगे उर्स मेले में चादर चढ़ाने गए थे और लौटते समय हादसा हो गया। नूरी के अनुसार, सुबह पांच बजे जब वह सो रही थीं तभी फोन पर इस हादसे की सूचना मिली। उनकी दो बहनें घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। हादसे में मरे टाउन थाने के मिल्ली मोहल्ला निवासी मो. मुमताज के पुत्र मो. गुड्डू फल विक्रेता थे। पांच भाइयों में बड़े थे। पुत्र के वियोग में मां नजमा खातून रो-रोकर बदहवास पड़ी थीं। चाचा जमील ने बताया शाम छह बजे के बाद गुड्डू उर्स मेले में जाने के लिए निकले थे।
रविवार सुबह पौने तीन बजे वे सोए थे, तभी पड़ोसी के माध्यम से हादसे की खबर मिली। बाद में पता चला कि उनका भतीजा इस दुनिया में नहीं है।
