March 20, 2026
shri-ram-yantra

उत्तर प्रदेश में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण पूर्ण होने पर चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस एवं सनातन नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यहां श्रीराम यंत्र की स्थापना की। यह

श्रीराम यंत्र जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में अभिजीत मुहूर्त में वैदिक आचार्यों ने मंत्रोच्चार विधिवत पूजा अर्चना कर स्थापित कराया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने श्रीराम मंदिर पहुंचने पर सर्वप्रथम प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर पूजा व आरती की, तत्पश्चात “श्रीराम यंत्र” स्थापना का विधान सम्पन्न कराया। संपूर्ण विधि विधान से “श्रीराम यंत्र” की स्थापना के साथ ही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण नए इतिहास का साक्षी बन गया। “श्रीराम यंत्र” की स्थापना होते ही श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में प्रभु श्री राम के जयघोष से गुंजायमान हो गया।

इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, केरल से आईं माता अमृतानंदमई अम्मा जी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, पूज्य साधु संत एवं देश विदेश से आए सात हजार से अधिक गणमान्य उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार से उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय आध्यात्मिक दौरे पर हैं। इसी क्रम में राष्ट्रपति आज सर्वप्रथम अयोध्या पहुंचीं हैं। यहां महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। तत्पश्चात वे श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचीं। अयोध्या में कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद राष्ट्रपति कान्हा की नगरी मथुरा के लिए रवाना हो जाएंगी, जहां वे वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में दर्शन पूजन करेंगी। अगले दिन 20 मार्च को संत प्रेमानंद महाराज से भेंट करने के साथ ही अन्य आध्यात्मिक एवं अन्य दार्शनिक जगहों का भ्रमण करेंगी। राष्ट्रपति के उत्तर प्रदेश दौरे के चलते सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *