पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल की अगुवाई मे जमशेदपुर में युवा उद्यमी कैरव गांधी के आवास पहुंचा और उनकी सकुशल वापसी पर परिजनों को बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने इस कठिन समय में परिवार द्वारा दिखाए गए साहस, धैर्य एवं संयम की सराहना की। परिजनों ने भी पूरे घटनाक्रम के दौरान मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा दिए गए सहयोग एवं संवेदनशील भूमिका के लिए आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सम्मेलन के जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के उपाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, संरक्षक दीपक भालोटिया ने संयुक्त रूप से कहा कि कैरव गांधी के अपहरण के बाद 13 दिनों का समय न केवल परिवार, बल्कि पूरे शहर और व्यापारी समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक रहा।
उनकी सकुशल वापसी से जमशेदपुर के व्यापारी वर्ग और समाज में गहरी राहत का माहौल है. उन्होंने राज्य सरकार, झारखंड पुलिस एवं पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील था, किंतु पुलिस प्रशासन द्वारा की गई सघन जांच, तकनीकी निगरानी एवं समन्वित प्रयासों के कारण आज एक परिवार की खुशियाँ पुनः लौट सकीं। इसके लिए पूरा प्रशासन बधाई का पात्र है। मारवाड़ी सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह घटना यह भी सिद्ध करती है कि यदि प्रशासन पूरी गंभीरता, तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक परिणाम संभव हैं। हालांकि इस घटना ने व्यापारियों एवं उद्यमियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए व्यापारी सुरक्षा को लेकर ठोस एवं स्थायी रणनीति बनाई जाए।
इस अवसर पर महासचिव प्रदीप कुमार मिश्रा, आकाश शाह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। मारवाड़ी सम्मेलन ने कैरव गांधी व उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा जताई कि प्रशासन इस घटना से सीख लेते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
