टाटा स्टील के संस्थापक दिवस पर टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि अगले पांच वर्षों में टाटा ग्रुप में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ कर 15 लाख हो जाएगी. उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले कर्मचारियों की संख्या 7.5 लाख थी जो अभी बढक़र 11 लाख से अधिक हो गई है. अलग-अलग योग्यताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. कर्मचारियों के बीच विविधता का पूरा ख्याल रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को स्किल्ड किया जा रहा है, उनके स्किल डेवलपमेंट पर बहुत अधिक खर्च किया जा रहा। टाटा स्टील में संस्थापक दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि ईरान में मौजूदा हालात व वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यदि युद्ध लंबा रहा तो परेशानियां बढ़ सकती हैं. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट से टाटा समूह को लाइमस्टोन का आयात होता है और समूह का व्यापार वैश्विक स्तर पर संचालित है. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस युद्ध का टाटा समूह या भारत पर सीधा असर नहीं पड़ा है, लेकिन यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो व्यवसाय, आपूर्ति श्रृंखला, माल की डिलीवरी और सस्टेनेबिलिटी पर प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप के कर्मचारी विश्वभर में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, होटल व अन्य क्षेत्रों में कार्यरत हैं. ऐसे में सभी कर्मचारियों व उनके परिवार की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात के कारण बनी अनिश्चितता के बीच व्यापारिक गतिविधियों पर इसका असर पड़ेगा लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि लंबे समय के लिए सप्लाई चेन पर इसका असर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप अपनी योजना बनाते समय ऐसी सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ता रहता है. इस मौके पर टाटा स्टील के सीईओ व ग्लोबल प्रबंध निदेशक टी वी नरेन्द्रन, वाइस प्रेसीडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज डी बी सुन्दर रामम, चीफ कॉरपोरेट कम्युनिकेशन सर्वेश कुमार, हेड राजेश राजन समेत कंपनी के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
टाटा ग्रुप कार्बन उत्सर्जन कम करने पर चल रहा काम, कंपनियों का हो रहा विस्तार
टाट ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन का कम करने की तकनीक पर काम किया जा रहा है. इसके अलावा टाटा मोटर्स, टाटा पावर जैसी कंपनियों का तकनीकी रूप से कार्य विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के बाहर भी अलग-अलग कंपनियों के विस्तार की प्रक्रिया जारी है. संस्थापक स्थल होने के कारण जमशेदपुर को लेकर समूह की बिल्कुल अलग सोच रही है. झारखंड के मुख्यमंत्री के साथ हमारी मुलाकात बहुत अच्छी रही है. हमने 11000 करोड़ के इन्वेस्टमेंट की घोषणा की है। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।
एआई से रोजगार पर असर नहीं, और बढ़ेेगी संभावना
टाटा ग्रुुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि एआई से रोजगार पर असर नहीं पड़ेगा बल्कि और अधिक संभावनाएं बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव के समय लोगों में आशंकाओं का बढऩा स्वभाविक है, लेकिन रोजगार के अवसर कम नहीं होंगे बल्कि बढ़ेगी. टाटा स्टील य अन्य ग्रुप कंपनियों में एआई का उपयोग हो रहा है लेकिन इसे पूरी तरह से लागू करने पर भी काम चल रहा है। एआई के इस्तेमाल से रोजगार की असीमित संभावनाएं बढ़ेंगी। टीसीएस जैसी कंपनियों के लिए यह नये अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर जैसी कंपनियों में एआई के प्रयोग में टीसीएस अपनी अहम भूमिका निभा सकता. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप कर्मचारियों को तकनीकों के अनुसार प्रशिक्षित करने पर जो दे रहा है।
