कुदरा नगर पंचायत के वार्ड संख्या आठ स्थित कझार घाट बस्ती में बुधवार की रात जश्न की सूचना ने अचानक हिंसक मोड़ ले लिया। शराब पार्टी, डांस और तेज आवाज में डीजे बजने की खबर पर पुलिस टीम जैसे ही पहुंची, भीड़ भड़क उठी। देखते ही देखते पथराव और मारपीट शुरू हो गई। हमले में थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात इतने बिगड़े कि दोनों ओर से फायरिंग की नौबत आ गई। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें गांव के कृपाल चौधरी का पुत्र कमलेश चौधरी गोली लगने से जख्मी हो गया। उसे बेहतर इलाज के लिए बनारस भेजा गया है। पुलिस ने इस मामले में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और अब तक 13 लोगों
को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि एनडीपीएस के एक मामले में जेल जा चुका आरोपित
हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। सूचना मिली थी कि उसने शराब पार्टी रखी है, डांसर बुलाए गए हैं और तेज ध्वनि में डीजे बजाया जा रहा है। सत्यापन के लिए थानाध्यक्ष नंदू कुमार पुलिस बल के साथ कझार घाट पहुंचे। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी का विरोध करते हुए लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया, पथराव और मारपीट की, हथियार छीनने की कोशिश भी हुई। सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
घायल पुलिसकर्मियों में थानाध्यक्ष नंदू कुमार के अलावा अवर निरीक्षक सती रमण पांडेय, मुकेश पासवान, दीपक कुमार, चंदन कुमार, रामू कुमार, प्रमोद कुमार और नेहा तिवारी
शामिल हैं। घायल कमलेश का बयान
दर्ज किया गया है, जिसमें उसने पीछे से गोली लगने की बात कही है। घटना के बाद बस्ती में तनाव है। गुरुवार सुबह आक्रोशित लोगों ने कुदरा-भभुआ मुख्य मार्ग को करीब छह घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर घरों में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया। वहीं बस्तीवासियों ने एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ने की शिकायत की, जबकि पुलिस का कहना है कि कैमरा जांच के लिए जब्त किया गया है। स्थिति संभालने के लिए मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी और एसडीपीओ प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे।
