यूजीसी बिल 2026 को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच राजधानी पटना में आज बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन और स्वर्ण समाज एकता मंच के आह्वान पर दोपहर 1 बजे दिनकर गोलंबर पर प्रदर्शन किया जाएगा। छात्र संगठनों के सड़क पर उतरने से पहले ही यह मुद्दा बिहार की सियासत के केंद्र में आ गया है।
राजद का खुला समर्थन, कानून को बताया ‘सुरक्षा कवच’
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने यूजीसी बिल 2026 का खुलकर समर्थन करते हुए इसे आरक्षित वर्गों के हित में बताया है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि यह कानून उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव को लेकर बनी समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही यह कानून लाया गया है।
तेज प्रताप बोले—भेदभाव रोकने की ऐतिहासिक पहल
राजद नेता तेज प्रताप यादव ने भी यूजीसी बिल का समर्थन करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है और इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को समाप्त करना है।
तेज प्रताप ने कहा कि दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन परंपरा का हिस्सा हैं और उन्हें अलग नजर से देखना गलत है।
भाजपा और दलित नेताओं की चुप्पी पर विपक्ष हमलावर
इस मुद्दे पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों की चुप्पी को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। राजद प्रवक्ता ने कहा कि जब कानून सीधे दलित और वंचित छात्रों से जुड़ा है, तब केंद्र में सत्ता में बैठे चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे दलित नेताओं की चुप्पी समझ से परे है।
बिहार सरकार ने दिए पुनर्विचार के संकेत
बिहार सरकार की ओर से मंत्री संजय कुमार सिंह ने यूजीसी बिल को लेकर हो रहे विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी विरोध और सुझावों के बाद नियमों में बदलाव किए गए हैं और इस कानून पर भी सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा—एकतरफा माहौल बनाया जा रहा
कांग्रेस ने यूजीसी बिल को लेकर चल रही बहस को एकतरफा बताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि कानून का दुरुपयोग कैसे हो सकता है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिना पूरी जानकारी के अफवाहें फैलाकर अराजक माहौल बनाया जा रहा है। हालांकि पार्टी ने यह भी कहा कि यदि कानून में खामियां हैं, तो उस पर खुली चर्चा होनी चाहिए।
